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अपर्णा यादव ने लिया ससुर मुलायम से आशीर्वाद, क्या हो सकते हैं मायने

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jan 21, 2022 01:20 pm IST,  Updated : Jan 21, 2022 01:20 pm IST

अपर्णा यादव ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद बाद लखनऊ आने पर शुक्रवार को उन्होंने अपने ससुर मुलायम​सिंह यादव से आर्शीवाद लिया। हालांकि इसके कई मायने निकाले जा सकते हैं।

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अपने ससुर मुलायम से आशीर्वाद लेतीं अपर्णा यादव Image Source : PHOTO ANI

Highlights

  • सदस्यता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी की योजनाओं की तारीफ की थी
  • अखिलेश यादव ने भी अपर्णा को बीजेपी में जाने की शुभकामनाएं दीं, उनके विरोध में एक भी शब्द नहीं कहा था
  • 9-10 वर्षों से अपना एनजीओ चला रही हैं अपर्णा यादव

अपर्णा यादव ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। बीजेपी की सदस्यता लेने के बाद बाद लखनऊ आने पर शुक्रवार को उन्होंने अपने ससुर मुलायम​सिंह यादव से आर्शीवाद लिया। हालांकि इसके कई मायने निकाले जा सकते हैं।

हाल ही में अपर्णा यादव ने बीजेपी की सदस्यता ली और इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी की योजनाओं की तारीफ की थी। यहां गौर करने वाली बात यह थी कि उन्होंने अपने संबोधन में एक बार भी अपने परिवार और समाजवादी पार्टी के बारे में कुछ नहीं कहा था। वहीं उनकी सदस्यता लेने के ठीक बाद अखिलेश यादव ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्हें बीजेपी में जाने की बधाई और शुभकामनाएं दीं, उनके विरोध में एक भी शब्द नहीं कहा। अपर्णा ने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा था कि राष्ट्रधर्म मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। अपर्णा ने अपने वक्तव्य में बीजेपी की योजनाओं की तारीफ की थी। साथ ही कहा था कि मैं  बीजेपी की योजनाओं से प्रभावित हूं। मुझे जो भी काम करने मौका मिलेगा,अपनी क्षमता से करूंगी।

अपर्णा यादव राजनीतिज्ञ नहीं हैं लेकिन वे पिछले नौ-दस वर्षों से अपना एनजीओ चला रही हैं। हालांकि देखा जाए तो बीजेपी ने अपने विधायकों के सपा में जाने पर डैमेज कंट्रोल के लिए अपर्णा को बीजेपी की सदस्यता दी। अपर्णा वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंट से चुनाव लड़ी थीं, लेकिन हार गई थीं। अब वे बीजेपी से चुनाव लड़ती हैं, तो जाहिर है वे लखनऊ सीट से ही चुनाव लड़ना चाहेंगी। यहां एक बात और गौर करने लायक है, अपर्णा के बीजेपी में आने से भाजपा कार्यकर्ता उतने खुश नहीं होंगे। क्योंकि लखनऊ से चुनाव लड़ने के लिए बीजेपी के पास पहले से ही दो ताकतवर प्रत्याशी हैं। एक तो रीता बहुगुणा जोशी के बेटे, जिनके टिकट के लिए रीता एढ़ी चोटी का जोर लगा रही हैं। दूसरा राज्य के डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, जिनकी सीट यहीं बनती है। 

अपनी बहू अपर्णा को आशीर्वाद देने वाले मुलायम सिंह खुद भी कई बार मोदी से तो कभी सरसंघचालक से मुलाकातों के कारण सुर्खियों में रहे हैं। यहां त​क कि उन्होंने कई मौकों पर पीएम मोदी की प्रशंसा भी की है। 13 फरवरी 2019 लोकसभा में अपने उद्बोधन में उन्होंने नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। तब उन्होंने इच्छा जताई थी कि मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनें। अब बीजेपी में जाने के बाद भी बहू को आशीर्वाद देने से सपा के वोटर खासतौर पर वो, जो नेताजी यानी मुलायमसिंह यादव को फॉलोअर्स हैं, वे भी असमंजस में आ सकते हैं कि वे कहां वोट करें।

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