नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुजरात के बारे में अपनी विवादित टिप्पणियों पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी बातों का जानबूझकर गलत अर्थ निकाला जा रहा है और उनका इरादा कभी भी किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने कहा कि वह गुजरात के लोगों का बहुत सम्मान करते हैं और आगे भी करते रहेंगे। उनका यह स्पष्टीकरण केरल में मतदान से पहले बढ़ते विवाद के बीच आया है।
एक्स हैंडल पर कांग्रेस नेता खरगे ने कहा, 'हाल ही में केरल में दिए गए मेरे एक चुनावी भाषण की कुछ टिप्पणियों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिर भी, मैं अपनी तरफ से जिम्मेदारी के साथ खेद व्यक्त करता हूं। गुजरात के लोगों के प्रति मेरे मन में हमेश सर्वोच्च सम्मान रहा है और हमेशा रहेगा। वहां के लोगों की भावनाओं को आहत करना मेरा कभी उद्देश्य नहीं था'।
खड़गे ने गुजरात के बारे में क्या कहा था?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब खरगे ने केरल के इडुक्की में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि केरल के लोग पढ़े-लिखे और समझदार हैं और उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, जैसा कि गुजरात और कुछ अन्य क्षेत्रों के लोगों के साथ किया जा सकता है। मोदी जी और पिनाराई विजयन (केरल के मुख्यमंत्री ) आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों पर अनपढ़ लोगों को बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन आप केरल के लोगों को बेवकूफ नहीं बना सकते।
बीजेपी ने बताया गुजरात का अपमान
खरगे की इस टिप्पणी पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और गुजरातियों का अपमान करने का आरोप लगाया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि इस टिप्पणी ने लाखों लोगों का अपमान किया है और राज्य के राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान की अनदेखी की है, जिसमें महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेता शामिल हैं। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक हताशा के चलते बार-बार गुजरात को निशाना बनाने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि मतदाता ऐसी टिप्पणियों को नहीं भूलेंगे।