इतिहास की दृष्टि से 24 मार्च की तारीख भारत के लिए काफी बड़ी है। 5 साल पहले आज ही के दिन 24 मार्च 2020 को भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना वायरस के कहर के कारण देशभर में लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी। भारत में में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 500 के पार होने के बाद सरकार की ओर से यह एहतियाती कदम उठाया गया था। आइए जानते हैं कि इस दौरान भारत समेत पूरी दुनिया में क्या कुछ हुआ।
कोरोना वायरस का पहला केस दुनिया के सामने 31 दिसंबर 2019 को आया था। चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में अज्ञात कारण वाले निमोनिया के मामलों के बारे में सूचना दी थी। इसके बाद जनवरी 2020 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस के प्रकोप को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हेल्थ इमरजेंसी के रूप में घोषत किया। इसके बाद 11 मार्च 2020 को कोरोना को पैन्डेमिक (महामारी) घोषित किया। इसके बाद मार्च 2020 के आखिर तक 100 से ज्यादा देशों ने अपने यहां लॉकडाउन लगाया। कई देशों ने पूर्ण तो कई ने आंशिक तौर पर लॉकडाउन लगाया। दिसंबर 2020 आते-आते कोरोना के खिलाफ कई वैक्सीन को तैयार कर लिया गया जिसके बाद इस संक्रमण को हराने में मदद मिली।
कोरोना के मामलों की बढ़ोतरी को देखते हुए पीएम मोदी ने 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू का ऐलान किया। इस दिन अनिवार्य पाबंदी नहीं लगाई गई। हालांकि, 24 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 21 दिनों के पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की। इसके बाद लॉकडाउन को कई फेज में आगे बढ़ाया गया। कोरोना महामारी के दौरान भारत में करीब 68 दिनों तक पूर्ण लॉकडाउन रहा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के मुताबिक, भारत में कोरोना महामारी के कारण कुल 5,33,664 लोगों की मृत्यु हुई है। ये आंकड़ा कुल कोरोना केस का 1.18 प्रतिशत है। वहीं, 4,45,10,969 लोग कोरोना से ठीक हो गए जो कि कुल केस का 98.82 प्रतिशत है। वहीं, भारत में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 3 है। भारत में कुल टीकाकरण 220,68,94,861 (2 अरब से ज्यादा) हो चुके हैं।
अगर दुनियाभर में कोरोना केस की बात करे तो आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना संक्रमण के 704,753,890 मामले रिपोर्ट हुए। इनमें से 675,619,811 लोग संक्रमण से ठीक होकर अपना जीवन जी रहे हैं। वहीं, करीब 70 लाख से अधिक लोगों को इस महामारी के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी।
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