1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 'अवैध धर्मांतरण का उद्देश्य भारत में पाकिस्तान-बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना', कोर्ट की तीखी प्रतिक्रिया

'अवैध धर्मांतरण का उद्देश्य भारत में पाकिस्तान-बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना', कोर्ट की तीखी प्रतिक्रिया

 Published : Oct 02, 2024 06:41 pm IST,  Updated : Oct 02, 2024 07:21 pm IST

लव जिहाद और अवैध धर्मांतरण से जुड़े एक मामले की सुनवाई करत हुए कोर्ट ने सख्त टिप्पणियां की हैं। कोर्ट ने कहा है कि अवैध धर्मांतरण का मकसद भारत में पाक-बांग्लादेश की तरह स्थितियां पैदा करना है।

सांकेतिक फोटो। - India TV Hindi
सांकेतिक फोटो। Image Source : ANI

भारत में अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद का मुद्दा बीते कई सालों से चर्चा में बना हुआ है। देश के विभिन्न हिस्सों में इन मुद्दों को लेकर हंगामा होता रहता है। हालांकि, अब कोर्ट की ओर से भी इस मामले में कड़ी चेतावनी सामने आई है। दरअसल, बरेली के अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक अदालत—प्रथम) रवि कुमार दिवाकर अवैध धर्मांतरण और लव जिहाद के मुद्दे पर सख्त टिप्पणी करते हुए चेतावनी जारी की है। न्यायाधीश ने कहा है कि अवैध धर्मांतरण का उद्देश्य भारत में पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी स्थितियां पैदा करना है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, कोर्ट में अल्पसंख्यक समुदाय के युवक द्वारा अपनी पहचान छुपाकर एक युवती से दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन की कोशिश के मामले में सुनवाई हो रही थी। इस दौरान जज रवि कुमार दिवाकर ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और लव जिहाद व अवैध धर्मांतरण को लेकर सख्त टिप्पणियां की। जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद आलिम ने 'आनंद' बनकर एक हिंदू छात्रा से दुष्कर्म और उसका धर्मांतरण कराने की कोशिश की थी। आरोपी के पिता को भी इस पूरे मामले में शामिल होने के आरोप में दो साल कैद की सजा सुनायी गयी। जज ने कहा कि यह लव जिहाद के माध्यम से अवैध धर्मांतरण का मामला है।

अवैध धर्मांतरण देश के लिए खतरा- जज

जज रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि लव जिहाद का प्राथमिक उद्देश्य जनसांख्यिकीय युद्ध छेड़ना और अंतरराष्ट्रीय साजिश के माध्यम से भारत के खिलाफ कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा प्रभुत्व स्थापित करना है। वहीं, उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण का उद्देश्य भारत में पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी स्थितियां पैदा करना है। जज ने कहा कि अवैध धर्मांतरण देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा है।

इसे समय रहते हल नहीं किया गया तो...

मामले में सजा सुनाते हुए जज रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि मनोवैज्ञानिक दबाव, शादी और नौकरी जैसे प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराया जा रहा है। इस मामले में संभावित विदेशी फंडिंग की आशंका जताते हुए अदालत ने कहा कि अगर इस मुद्दे को समय रहते हल नहीं किया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। (इनपुट: भाषा)

ये भी पढ़ें- पीएम मोदी ने नीरज चोपड़ा की मां को लिखा पत्र, ये खास डिश खाकर भावुक हुए

डिप्टी सीएम पवन कल्याण बेटी संग पहुंचे तिरुपति मंदिर, 11 दिनों से कर रहे हैं तपस्या

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत