Earth Day: 22 अप्रैल को आज Earth Day है। आज ये जानना दिलचस्प है कि आप अगर भारत से पृथ्वी के केंद्र से होते हुए एक सीधी सुरंग खोदेंगे, तो आप दूसरे छोर पर दक्षिण प्रशांत महासागर में निकलेंगे। वैज्ञानिक भाषा में इसे Antipode कहते हैं। धरती के एक भाग के ठीक विपरीत वाले बिंदु को भूगोल में एंटीपोड के नाम से जानते हैं। इस आर्टिकल में एंटीपोड निकालने के बारे में जानिए।
समंदर में हैं ज्यादातर देशों के Antipode
भारत का यह विपरीत भाग साउथ अमेरिका खासकर पेरू और चिली के पश्चिमी तट से दूर, खुले प्रशांत महासागर में मौजूद है। चूंकि धरती का करीब 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है, इसलिए विश्व के ज्यादातर देशों के Antipode यानी विपरीत बिंदु महासागरों में ही खुलते हैं। इसका अर्थ है कि आप वहां किसी धरती पर नहीं, बल्कि सीधे समंदर के पानी से बाहर निकलेंगे।
समझें Antipode निकालने का फॉर्मूला
यह धरती के अक्षांश यानी Latitude और देशांतर यानी Longitude की सटीक गणना पर बेस्ड है। आप इसे गणितीय गणना से भी समझ सकते हैं। पृथ्वी के एक छोर से दूसरे विपरीत छोर का बिंदु निकालने का एक गणितीय नियम है। मान लीजिए हम भारत के मध्य हिस्से से खुदाई शुरू करें और उसका निर्देशांक यानी Coordinates करीब 20° N उत्तरी अक्षांश और 80° E पूर्वी देशांतर हो। तो इसका ठीक विपरीत बिंदु निकालने के लिए अक्षांश यानी Latitude की दिशा बदल जाएगी। इसका मतलब है कि 20° North, 20° South हो जाएगा।
गूगल मैप पर जाकर ऐसे कर सकते हैं चेक
इसका देशांतर यानी Longitude को निकालने के लिए 180° में से घटा दीजिए और दिशा को बदल दीजिए। अब 180° में 80° घटाएंगे तो 100° आ जाएगा, यानी 80° East, 100° West हो जाएगा। अब आप इन नए निर्देशांकों 20° S, 100° W को Google Maps पर सर्च करेंगे, तो यह स्थान आपको South Pacific Ocean में, चिली और पेरू के तट से हजारों किलोमीटर दूर खुले समंदर में मिलेगा।
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