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अब ओडिशा में मेडिकल PG परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप, व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र हो रहा वायरल, जांच शुरू

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Jul 30, 2026 04:49 pm IST,  Updated : Jul 30, 2026 05:03 pm IST

परीक्षा के दौरान व्हाट्सएप ग्रुप में जनरल सर्जरी MD/MS का प्रश्नपत्र साझा किया गया। कुछ ही देर में ये पेपर कई ग्रुप में भेज दिया गया। मेडिकल पीजी परीक्षा का पेपर लीक के आरोपों पर जांच शुरू कर दी गई है।

मेडिकल पीजी परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप- India TV Hindi
मेडिकल पीजी परीक्षा का पेपर लीक होने का आरोप Image Source : REPORTER INPUT

ओडिशा में आयोजित मेडिकल पीजी परीक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। ऑल ओडिशा मेडिकल पीजी परीक्षा के 2023–26 बैच की जनरल सर्जरी MD/MS परीक्षा का प्रश्नपत्र व्हाट्सएप ग्रुप में भेजे जाने के आरोप लगे हैं। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने का फैसला लिया गया है।

जानकारी के अनुसार, आरोप है कि परीक्षा के दौरान एक व्हाट्सएप ग्रुप में जनरल सर्जरी MD/MS का प्रश्नपत्र साझा किया गया। इतना ही नहीं, कुछ व्हाट्सएप नंबरों से परीक्षा के दौरान उत्तर भी भेजे जाने की शिकायत सामने आई है। इन आरोपों के बाद परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे हैं।

तुरंत बुलाई गई वर्चुअल बैठक 

मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शैक्षणिक अधिकारियों ने तुरंत एक वर्चुअल बैठक बुलाई। बैठक में परीक्षा प्रक्रिया की समीक्षा की गई और बाकी बची दो परीक्षाओं को पूरी सख्ती और सुरक्षा के साथ कराने का निर्णय लिया गया।

कुलपति के निर्देशों का किया गया पालन

एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन प्रोफेसर हरेकृष्ण दलई ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि कुलपति द्वारा शेष परीक्षाओं के संचालन को लेकर जो भी निर्देश दिए गए हैं, उनका पूरी तरह पालन किया जाएगा। 

पेपर बांटे जाने के बाद बाहर भेजा गया प्रश्नपत्र

प्रोफेसर दलई ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल इसे पारंपरिक अर्थों में 'पेपर लीक' नहीं कहा जा सकता। उनके अनुसार, यदि प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से पहले छात्रों तक पहुंच जाता, तब उसे पेपर लीक माना जाता। लेकिन शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रश्नपत्र परीक्षा हॉल में बांटे जाने के बाद बाहर भेजा गया। 

इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के जरिए पेपर गया होगा बाहर!

उन्होंने बताया कि आशंका है कि किसी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट या मोबाइल एप के जरिए प्रश्नपत्र बाहर भेजा गया होगा। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर नियमित रूप से तलाशी और सुरक्षा जांच की जाती है। इसके बावजूद यदि कोई छात्र किसी तरह मोबाइल फोन अंदर ले जाने में सफल रहा हो, तो उसी के माध्यम से प्रश्नपत्र बाहर भेजा गया हो सकता है।

कॉलेज के अनुसार, शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि सुबह 9 बजकर 58 मिनट पर प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर साझा किया गया था। यानी यह परीक्षा शुरू होने और प्रश्नपत्र वितरित होने के बाद की बात है। इसी आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

जांच में जुटी एजेंसियां

फिलहाल जांच एजेंसियां उस व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन, उसे बनाने वाले व्यक्ति और उसमें शामिल सभी सदस्यों की पहचान करने में जुटी हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रश्नपत्र किस मोबाइल नंबर से भेजा गया और किन-किन लोगों तक पहुंचा।

आरोपी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

प्रोफेसर दलई ने कहा कि अभी तक किसी छात्र समूह की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, अगर जांच में कोई छात्र या अन्य व्यक्ति इस मामले में शामिल पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जांच होने के बाद ही स्पष्ट होगा

इस घटना के बाद परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों द्वारा भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अहतियातन कदम उठाए जाएंगे, ताकि परीक्षा की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे। फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रश्नपत्र किसने और किस तरह व्हाट्सएप के माध्यम से बाहर भेजा।

ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट

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