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केंद्र सरकार ने बदले पासपोर्ट-वीजा के नियम, कुछ पाकिस्तानी नागरिकों और अल्पसंख्यक शरणार्थियों को बड़ी राहत

 Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Nov 05, 2026 06:53 pm IST,  Updated : Nov 05, 2026 07:10 pm IST

सरकार ने अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के उन लोगों को भी छूट दी है, जो धार्मिक उत्पीड़न या इसके डर से 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए थे।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : PTI

केंद्र सरकार ने देश में रह रहे कई श्रेणियों के विदेशी नागरिकों के लिए पासपोर्ट और वीजा नियमों में ढील दी है। इनमें कुछ पाकिस्तानी नागरिक, अल्पसंख्यक शरणार्थी, श्रीलंकाई तमिल और तिब्बती शामिल हैं। गुरुवार को जारी 'इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स (एग्जेंप्शन) (अमेंडमेंट) ऑर्डर, 2026' के तहत, नेपाल, भूटान और भारत के नागरिकों के लिए इन पड़ोसी देशों के बीच यात्रा और पहचान से जुड़े नियमों को भी सरल बनाया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार, वे पाकिस्तानी नागरिक जो 31 दिसंबर 2009 को या उससे पहले स्थायी रूप से बसने के इरादे से भारत आए थे, उन्हें पासपोर्ट नवीनीकरण की सामान्य शर्तों से छूट दी गई है। यह छूट उन लोगों के लिए है जो पाकिस्तान द्वारा जारी 'कंप्यूटराइज्ड नेशनल आइडेंटिटी कार्ड' (CNIC) न होने के कारण अपने यात्रा दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं करा पा रहे हैं।

पाकिस्तान में रहते हुए न की हो शादी  

इस छूट के पात्र होने के लिए जरूरी है कि उन्होंने पाकिस्तान में रहते हुए शादी न की हो या वहां कोई अचल संपत्ति न खरीदी हो। साथ ही पाकिस्तान जाते समय उनके परिवार के जो सदस्य पीछे छूट गए थे, वे भारतीय नागरिक होने चाहिए। इसके अलावा उन्हें यह वचन देना होगा कि वे वापस उस देश (पाकिस्तान) नहीं जाएंगे। अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि उनके खिलाफ पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों की कोई प्रतिकूल रिपोर्ट नहीं होनी चाहिए।

छूट के दायरे में तीसरी श्रेणी में भारतीय मूल के लोग शामिल

छूट के दायरे में आने वाली तीसरी श्रेणी में भारतीय मूल के वे लोग शामिल हैं, जिन्होंने मलेशिया या सिंगापुर की नागरिकता ले ली थी और उन देशों द्वारा जारी पासपोर्ट पर 31 दिसंबर 2009 को या उससे पहले भारत लौट आए थे। इन लोगों के पासपोर्ट की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। इनका नवीनीकरण (Renewal) नहीं कराया गया है, क्योंकि ये व्यक्ति संबंधित देशों की नवीनीकरण शर्तों को पूरा नहीं करते हैं।

अधिसूचना के अनुसार, इस प्रावधान के तहत "भारतीय मूल के व्यक्ति" का अर्थ एक ऐसा विदेशी नागरिक है (जो पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान, भूटान, नेपाल और चीन का नागरिक न हो), जिसके पास कभी भारतीय पासपोर्ट रहा हो; या वह व्यक्ति, उसके माता-पिता, दादा-दादी/नाना-नानी, या परदादा-परदादी/परनाना-परनानी भारत में पैदा हुए हों और 'गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट, 1935' (भारत सरकार अधिनियम, 1935) में उल्लिखित क्षेत्रों या बाद में भारत का हिस्सा बने क्षेत्रों में स्थायी रूप से रहते रहे हों। शर्त यह है कि वे कभी भी ऊपर बताए गए देशों (पाकिस्तान, बांग्लादेश आदि) के नागरिक न रहे हों।

उचित श्रेणी का लेना होगा वीजा

भारत में अपना प्रवास जारी रखने के लिए, इन तीनों श्रेणियों के लोगों को उचित श्रेणी का वीज़ा लेना होगा। अधिसूचना में कहा गया है कि भारत, नेपाल और भूटान के नागरिक, जो इन पड़ोसी देशों के बीच सड़क या हवाई मार्ग से सीधे यात्रा कर रहे हैं, वे सामान्य पासपोर्ट के बजाय सरकार के आधिकारिक "वीजा मैनुअल" में बताए गए पहचान दस्तावेज दिखा सकते हैं।

भारतीय नागरिकों पर भी लागू होगी छूट

इसमें आगे कहा गया है कि इस प्रावधान के तहत मिलने वाली छूट उन भारतीय नागरिकों पर लागू नहीं होगी, जो नेपाल या भूटान के अलावा किसी अन्य देश से भारत-नेपाल या भारत-भूटान सीमा के रास्ते (सड़क या हवाई मार्ग से) आ रहे हैं या जा रहे हैं। ऐसे मामलों में उनके पास वैध पासपोर्ट होना अनिवार्य है। भारत से बाहर जाने या भारत में प्रवेश करने के लिए उन्हें केवल निर्धारित आव्रजन चौकियों (इमिग्रेशन पोस्ट) का ही उपयोग करना होगा।

इन मामलों में सामान्य पासपोर्ट नियम अनिवार्य

चीन, मकाऊ, हांगकांग या पाकिस्तान से होकर भारत आने वाले या वहां जाने वाले नेपाल और भूटान के नागरिकों के पास वैध पासपोर्ट और वैध वीजा दोनों होने चाहिए। तीसरे देशों से आने या वहां जाने के लिए क्षेत्रीय सीमाओं को पार करने के मामले में भी सामान्य पासपोर्ट नियम अनिवार्य रहेंगे। ये नियम अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के उन लोगों को छूट देते हैं, जो धार्मिक उत्पीड़न या उसके डर के कारण शरण लेने के लिए मजबूर हुए और 31 दिसंबर 2024 को या उससे पहले भारत आ गए। इस छूट में वे लोग शामिल हैं, जो बिना वैध पासपोर्ट या अन्य यात्रा दस्तावेजों के भारत आए और साथ ही वे लोग भी जिनके दस्तावेज अब एक्सपायर हो चुके हैं। हालांकि, भारत में आगे रहने के लिए उन्हें यहां आने के बाद एक उचित वीजा लेना होगा। (पीटीआई के इनपुट के साथ)

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