भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का ऑपरेशन सिंदूर के जरिए मुंहतोड़ जवाब दिया है। भारत की इस कार्रवाई में पाकिस्तान और पीओके के 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया है। कहा जा रहा है कि तीन मुख्य आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के ट्रेनिंग कैंप भी उड़ाए गए हैं। इतना ही नहीं इस जवाबी कार्रवाई में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय भी ढेर कर दिया गया है। इस पर लगातार लोगों के रिएक्शन सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर हर भारतीय अपना जोश जाहिर कर रहा है। राजनीतिक लोगों के रिएक्शन के बाद अब इस पर पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी के पिता का रिएक्शन आया है।
शुभम के पिता का रिएक्शन
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के हाथीपुर इलाके के शुभम द्विवेदी के पिता संजय द्विवेदी ने पीएम मोदी को आभार जताया है। उन्होंने इस जवाबी कार्रवाई के लिए पीएम मोदी को शुक्रिया कहा है। बेटे को खोने का गम अभी भी उनके लिए हरा है और ऐसे में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई ने उनके कलेजे को ठंडक दी है। संजय द्विवेदी ने इस जवाबी कार्रवाई की सराहना की और पीएम मोदी को इसका श्रेय देते हुए धन्यवाद कहा है। उन्होंने ये भी कहा कि उनके बेटे की मौत का बदला भारत ने ले लिया है।
पिता ने बयां किया था हाले दिल
शुभम के पिता संजय द्विवेदी ने पहले पहलगाम की घटना के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था, 'हम लोग पहलगाम घूमने गए थे। बेटा और बहू घोड़े पर बैठकर ऊपर 'मिनी स्विट्जरलैंड' देखने गए। उन्होंने कहा था, पापा आप भी चलो, लेकिन मैंने मना कर दिया कि ऊपर चढ़ना तुम्हारी मां के लिए मुश्किल है और उन्हें तकलीफ होगी। इस दौरान हम नीचे ही रुके। अगर हम सब साथ होते, तो शायद हम भी मारे जाते।'
गृह मंत्री से शुभम के पिता ने कही थी ये बात
बता दें, 24 अप्रैल को शुभम द्विवेदी का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचा था, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। गृह मंत्री अमित शाह भी शुभम द्विवेदी के पिता से मिले थे। इस दौरान शुभम के पिता ने उनसे बात की और कहा था, 'मेरा बेटा तो चला गया, लेकिन आतंकियों को ऐसा जवाब दीजिए कि पूरी दुनिया देखे कि भारत की सरकार आतंकवाद के सामने झुकती नहीं।' इस बारे में खुद संजय ने ही बताया था। उन्होंने ये भी कहा कि गृह मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया था कि वो इस पर कार्रवाई करेंगे और जल्द उन्हें ये देखने को मिलेगा। आखिरकार गृह मंत्री का किया वादा पूरा हो गया।