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ट्रंप के टैरिफ से भारत को नुकसान हो रहा है, नौकरियां खत्म हो रही: शशि थरूर

 Published : Sep 12, 2025 04:00 pm IST,  Updated : Sep 12, 2025 04:00 pm IST

शशि थरूर ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप बहुत ही अस्थिर व्यक्ति हैं और अमेरिकी शासन व्यवस्था राष्ट्रपति को बहुत अधिक शक्ति देती है। उन्होंने कहा कि ट्रंप से पहले 44 या 45 राष्ट्रपति रहे हैं, लेकिन व्हाइट हाउस की ओर से इस तरह का व्यवहार किसी ने कभी नहीं देखा, जैसा इनका है।

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कांग्रेस नेता शशि थरूर। Image Source : PTI

अमेरिका द्वारा लगाए गए ‘टैरिफ’ (शुल्क) का भारत पर असर पड़ा है और लोगों की नौकरियां जा रही हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने यह दावा भी किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘‘अस्थिर’’ स्वभाव का परिचय दे रहे हैं और वह कूटनीतिक आचार-व्यवहार के पारंपरिक मानकों का सम्मान भी नहीं करते।

सूरत में 1.35 लाख लोगों की छंटनी

अमेरिका ने भारत से निर्यात होने वाली वस्तुओं पर 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें रूस से तेल खरीदने के लिए लगाया गया 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल है। थरूर ने कहा कि टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए भारत को निर्यात बाजारों में विविधता लाने की ज़रूरत है। उनका कहना था कि सूरत में रत्न एवं आभूषण व्यवसाय, समुद्री खाद्य और विनिर्माण क्षेत्रों में 1.35 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं। 

'ट्रंप बहुत ही अस्थिर व्यक्ति हैं'

भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र के शीर्ष उद्योग निकाय ‘क्रेडाई’ द्वारा आयोजित एक सम्मेलन में भारत-अमेरिका संबंधों और टैरिफ से संबंधित एक प्रश्न का उत्तर देते हुए थरूर ने कहा, ‘‘ट्रंप बहुत ही अस्थिर व्यक्ति हैं और अमेरिकी शासन व्यवस्था राष्ट्रपति को बहुत अधिक शक्ति देती है।’’ लोकसभा सदस्य ने कहा कि ट्रंप से पहले 44 या 45 राष्ट्रपति रहे हैं, लेकिन व्हाइट हाउस की ओर से इस तरह का व्यवहार किसी ने कभी नहीं देखा, जैसा इनका है।

थरूर ने ट्रंप की जमकर आलोचना की

कांग्रेस नेता के अनुसार, ट्रंप हर पैमाने पर एक ‘‘असामान्य राष्ट्रपति’’ हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति निश्चित रूप से कूटनीतिक व्यवहार के पारंपरिक मानकों का सम्मान नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मतलब है कि क्या आपने कभी किसी विश्व नेता को खुलेआम यह कहते सुना है कि वह नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं? ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। क्या आपने किसी विश्व नेता को यह कहते सुना है-दुनिया के सभी देश आकर मेरी पीठ थपथपाना चाहते हैं।’’

थरूर का कहना था, ‘‘क्या आपने किसी विश्व नेता को यह कहते सुना है कि भारत और रूस की अर्थव्यवस्थाएं तबाह हैं तथा मुझे परवाह नहीं कि वे दोनों एक साथ बर्बाद हो जाएं।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ट्रंप असामान्य हैं और मैं आपसे विनती करता हूं कि उनके व्यवहार से हमारे प्रदर्शन का आकलन न करें।’’

'भारत के पास आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं'

थरूर ने कहा कि सच्चाई यह है कि टैरिफ का भारत पर बहुत ही नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। उनका कहना था, ‘‘पहले से ही, लोग अपनी नौकरियां खो रहे हैं। सूरत में रत्न और आभूषण व्यवसाय में 1.35 लाख लोगों की छंटनी हो चुकी है।’’ थरूर ने कहा कि शुरुआती 25 प्रतिशत टैरिफ और 25 प्रतिशत के अतिरिक्त जुर्माने के कारण कई उत्पादों का निर्यात अव्यवहारिक हो गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत के पास कमर कसने और आगे बढ़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अमेरिकी बाज़ार में प्रवेश करना बहुत मुश्किल लग रहा है। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हम वास्तव में बातचीत कर रहे हैं, यह अच्छी तरह जानते हुए कि हमें अमेरिका तक पहुंच की ज़रूरत है।’’

'अतिरिक्त 25% टैरिफ कोई शुल्क नहीं, प्रतिबंध है'

थरूर ने आगे कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए शुरुआती 25 प्रतिशत शुल्क में कमी की संभावना है। कांग्रेस नेता ने कहा, "अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ़ कोई शुल्क नहीं है। यह वास्तव में प्रतिबंध है और यह रूस से तेल खरीदने के लिए हमारे ख़िलाफ़ प्रतिबंध है। लेकिन यह पूरी तरह से अनुचित है, क्योंकि चीन रूस से ज़्यादा तेल और गैस आयात कर रहा है।’’ थरूर ने कहा कि अमेरिका को रूस से तेल खरीदने वाले हर देश के लिए एक समान नीति बनानी चाहिए। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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