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'केजरीवाल का जनलोकपाल, एक 'जोकपाल' से भी बदतर'

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 28, 2015 10:52 am IST,  Updated : Nov 28, 2015 10:53 am IST

नई दिल्ली: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के लोकपाल बिल को प्रशांत भूषण ने महाजोकपाल बिल बताया है, वहीं उनके पिता शांति भूषण ने दिल्ली सरकार पर दिल्लीवालों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए

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'केजरीवाल का जनलोकपाल, एक 'जोकपाल' से भी बदतर'

नई दिल्ली: दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के लोकपाल बिल को प्रशांत भूषण ने महाजोकपाल बिल बताया है, वहीं उनके पिता शांति भूषण ने दिल्ली सरकार पर दिल्लीवालों को धोखा देने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा मांगा है। प्रशांत भूषण ने दावा किया है कि दिल्ली सरकार का नया जनलोकपाल विधेयक उससे अलग है जिसका मसौदा अन्ना हजारे के नेतृत्व में भ्रष्टाचार निरोधक आंदोलन के दौरान तैयार किया गया था, क्योंकि स्वतंत्र लोकपाल की नियुक्ति एवं उसे पद से हटाना राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।

बिल को लेकर प्रशांत भूषण ने ट्वीट किया है जिसमें लिखा है, 'दिल्ली लोकपाल विधेयक उन सभी सिद्धांतों को ध्वस्त करता है जिसका मसौदा हमने तैयार किया था जैसे नियुक्ति एवं पद से हटाना सरकार के अधीन न हो, लोकपाल के अधीन स्वतंत्र जांच एजेंसी। दिल्ली लोकपाल विधेयक को देखकर हैरानी हुई। नियुक्ति एवं पद से हटाना दिल्ली सरकार द्वारा, उसके अधीन कोई जांच एजेंसी नहीं, भारत सरकार की जांच करने का भी अधिकार, इसे असफल होने के लिए तैयार किया गया है।'

इसके अलावा प्रशांत भूषण ने कहा कि लोकपाल की नियुक्ति के लिए कमेटी में मुख्‍यमंत्री, विधानसभा स्‍पीकर, विपक्ष के नेता और दिल्‍ली के चीफ जस्टिस होंगे। इसका मतलब चार में से तीन राजनेतिक दल से हैं और दो सरकार का हिस्‍सा हैं। वहीं लोकपाल को हटाने का हक सरकार को रहेगा जो की दो-तिहाई बहुमत के आधार पर तय होगा। जबकि हमने जो ड्राफ्ट बनाया था उसमें किसी भी तरह के राजनेतिक हस्‍तक्षेप की बात नहीं थी।

इसके अलावा केंद्र सरकार को भी इस बिल के अंतर्गत लाना इसके असफल होने को दर्शाता है क्‍योंकि केंद्र सरकार इसे किसी भी तरह से मंजूरी नहीं देगी। केजरीवाल ने इसे बनाने में किसी की राय नहीं ली है। भूषण के अनुसार केजरीवाल इसे सोमवार को पास करेंगे और केंद्र सरकार को भेज देंगे जहां इसे नामंजूर कर दिया जाएगा जिसके बाद यह केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराते हुए रोएंगे।

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