नई दिल्ली: मी टू कैंपेन के तहत यौन शोषण के आरोपों पर विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने पहली बार जवाब दिया है। एमजे अकबर ने कहा कि उन पर लगे सभी आरोप झूठे हैं और वो इन सब के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। अकबर ने इन आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि कहीं इनसब के पीछे कोई एजेंडा तो नहीं है। आम चुनाव से पहले ऐसे आरोप लगाने के पीछे भला क्या मकसद हो सकता है।
Related Stories
विदेश यात्रा से लौटने के कुछ ही घंटों बाद विदेश राज्य मंत्री ने एक बयान जारी किया और इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने बयान में कहा,‘‘मेरे खिलाफ लगाए गये दुर्व्यवहार के आरोप झूठे और मनगढंत है। इन झूठे और बेबुनियाद आरोपों से मेरी छवि को अपूर्णीय क्षति पहुंची है।’’ अकबर ने कहा कि उनके वकील इन मनगढंत और बेबुनियाद आरोपों पर गौर करेंगे। उन्होंने सवाल किया कि आम चुनावों से कुछ महीने पहले यह तूफान क्यों उठा है?
रविवार को विदेश दौरे से वापस लौटे अकबर ने एयरपोर्ट पर सवालों का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री ने कहा था कि वह इस बारे में बाद में एक बयान जारी करेंगे। उन्होंने कहा था, ‘बाद में एक बयान जारी किया जाएगा।’ वहीं, कांग्रेस ने इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपनी चुप्पी तोड़ने की मांग की है।
कई महिला पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि अकबर जब पत्रकार थे तो उन्होंने उनका यौन उत्पीड़न किया। सोशल मीडिया पर मी टू अभियान के तहत सामने आए इन खुलासों के बाद अकबर की तरफ से आरोपों पर बयान का इंतजार किया जा रहा था। भाजपा ने संकेत दिया था कि स्वदेश लौटने के बाद अकबर द्वारा इस विषय पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के उपरांत पार्टी उन पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर कोई स्पष्ट रूख अपनाएगी।