1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. विपक्ष ने सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने, जांच एजेंसियों के दुरूपयोग का आरोप लगाया

विपक्ष ने सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने, जांच एजेंसियों के दुरूपयोग का आरोप लगाया

 Reported By: Bhasha
 Published : Feb 07, 2019 06:03 pm IST,  Updated : Feb 07, 2019 06:03 pm IST

कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने, जांच एजेंसियों का दुरूपयोग करने तथा अपने काम के बारे में आंकड़ों को बढ़ाचढ़ा कर पेश करने का आरोप लगाया 

Mallikarjun Khadse- India TV Hindi
Mallikarjun Khadse Image Source : ANI

नयी दिल्ली: कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने मोदी सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने, जांच एजेंसियों का दुरूपयोग करने तथा अपने काम के बारे में आंकड़ों को बढ़ाचढ़ा कर पेश करने का आरोप लगाया और दावा किया कि राजनीति उद्देश्य के लिये राष्ट्रपति के अभिभाषण का इस्तेमाल किया गया है। संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कांग्रेस सरकार के 60 साल के कार्यकाल में कुछ काम नहीं होने का आरोप लगाकर प्रधानमंत्री नयी पीढ़ी को गुमराह करने का प्रयास कर रहे है। 

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि छह दशकों की यात्रा पर नजर डालें तो जमीन से लेकर आसमान तक, सड़क से लेकर रेल तक, दूध से लेकर अनाज तक, पानी से लेकर शिक्षा तक, टैंक से लेकर लड़ाकू विमान तक सभी जगह पर ‘कांग्रेस ही कांग्रेस’ दिखेगी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में वर्तमान सरकार और पिछली सरकार से तुलना करने का प्रयास किया गया। राष्ट्रपति के अभिभाषण का राजनीति के लिये इस्तेमाल करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनकी ओर से (भाजपा से) ये सवाल उठाये जाते हैं कि 60 साल में क्या किया ? 

कांग्रेस नेता ने आंकड़ों के हवाले से कहा कि कांग्रेस की सरकार के तहत ही 1951 से 17 प्रतिशत साक्षरता दर बढ़कर 2014 में 74 प्रतिशत हो गई । शिशु मृत्यु दर 165 प्रति हजार से सुधरकर 35 प्रति हजार हो गई। अनाज के उत्पादन के लिये हरित क्रांति तथा पंचवर्षीय योजना के तहत व्यवस्थित विकास को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि 60 साल के शासन में देश की जीडीपी 33 गुणा बढ़ी। सड़क निर्माण एवं रेल मार्गो के निर्माण से उपग्रह प्रक्षेपण से लेकर परमाणु परीक्षण एवं सिंचाई परियोजना एवं बांधों का निर्माण कार्य आगे बढ़ाया। खड़गे ने कहा, ‘‘ हमने भारत को एक आत्मनिर्भर, सक्षम और स्वाभिमानी देश के रूप में आगे बढ़ाया। ’’ 

चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कांग्रेस पर सिख समुदाय के खिलाफ एजेंसियों का दुरुपयोग करने का और 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। हरसिमरत ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत आज सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बन गया है। इस सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं देश को दी हैं जिनमें जनधन और आयुष्मान योजना क्रांतिकारी परिवर्तन लाने वाली हैं। 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस मौजूदा राजग सरकार पर अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न करने का और सीबीआई के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही है लेकिन अल्पसंख्यकों का सबसे ज्यादा उत्पीड़न उसने (कांग्रेस) किया है। 

दूसरी ओर, कांग्रेस नेता खड़गे ने नोटबंदी के फैसले पर सवाल उठाया और कहा कि बिना विचारे इस फैसले के कारण गरीबों को झटका लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने कालाधन और रोजगार के बारे में वादे किये थे लेकिन वे वादा पूरा करने में विफल रहे। खड़गे ने सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय जैसी संस्थाओं का दुरूपयोग करने और असहमति का स्वर दबाने का आरोप सरकार पर लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंकड़ों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का काम किया गया है। 

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के तहत संविधान का पालन नहीं किया जा रहा है और संगठित तरीके से ‘लिंचिंग’ की घटनाएं हो रही हैं। वर्तमान सरकार संविधान के तहत नहीं चल रही है, कमजोर वर्ग के अधिकार सुरक्षित नहीं हैं तथा कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में आरक्षण व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा है। 

बहरहाल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि कांग्रेस ने पुलिस और सीबीआई का सर्वाधिक दुरुपयोग सिख कौम के खिलाफ किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 1984 के सिख विरोधी दंगों के दोषियों को बचाया है और मोदी सरकार के आने के बाद दोषी अब जेल में जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से चुनाव से पहले झूठे वादे करती रही है और सत्ता में आने के बाद सारे वादे भूल जाती है। 

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए तृणमूल कांग्रेस के सदस्य दिनेश त्रिवेदी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुलना झांसी की रानी से करते हुए कहा कि वह केंद्र सरकार की ओर से किए जाने वाले एजेंसियों के दुरुपयोग से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी, नोटबंदी, कृषि संकट और अर्थव्यवस्था की बदहाली चार ऐसे मुद्दे हैं जो भाजपा सरकार को विपक्ष में बैठाएंगे। ‘‘2019 में भाजपा ‘फिनिश’ हो जाएगी।’’ 

त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कि लोकतंत्र खतरे में है और सरकारी संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘‘भाजपा के लिए श्रीराम अयोध्या में हैं, लेकिन हमारे लिए श्रीराम कण-कण में हैं, हर व्यक्ति में हैं।’’ चर्चा में हिस्सा लेते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दल शिवसेना के आनंद राव अड़सुल ने नोटबंदी सहित कुछ अन्य कदमों को लेकर सरकार की आलोचना की और कहा कि शिवसेना का गठन भाजपा के साथ सरकार बनाने के लिए नहीं हुआ और वह पहले भी अकेले चली थी और आगे भी चल सकती हैं। शिवसेना सदस्य ने कहा कि सरकार को अपनी गलतियां स्वीकार करनी चाहिए, लेकिन दुर्भाग्य से ऐसा नहीं हो रहा है। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत