नई दिल्ली: दिल्ली की सत्ता से दूर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कथित अत्याधुनिक जासूसी उपकरण खरीदने की योजना को लेकर रविवार को फिर से आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर वार किया। कांग्रेस प्रवक्ता अजय माकन ने कहा, "जासूसी अच्छी बात नहीं है। निजी लोगों की जासूसी ठीक नहीं है। चाहे वह आप हो या भाजपा, हम इस तरह की किसी भी जासूसी के खिलाफ हैं। लोगों की निजी जिंदगी का सम्मान किया जाना चाहिए और उसमें ताक-झांक की इजाजत किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को नहीं है।"
दिल्ली सरकार द्वारा अत्याधुनिक जासूसी उपकरण खरीदे जाने की योजना पर माकन ने कहा, "हमने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि सरकार के किसी भी विभाग को इस तरह के अत्याधुनिक उपकरण सौंपे जाने से पहले निश्चित नियम-कायदे होने चाहिए।"
कांग्रेस के सुर में सुर मिलाते हुए भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने भी इस मुद्दे पर आप सरकार की आलोचना की।
टाइम्स नाऊ ने कोहली के हवाले से कहा, "गृह सचिव की इजाजत के बिना आप किसी का फोन टैप नहीं कर सकती। दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी है जिसमें केंद्र सरकार, निर्वाचन आयोग, सर्वोच्च न्यायालय, संसद और विभिन्न देशों के दूतावास हैं। ऐसे में इन इंटरसेप्टर वाहनों को स्थापित करने में इतनी आतुरता क्यों दिखाई जा रही है? वे आखिर क्या जानना चाहते हैं।"
कोहली ने कहा, "अरविंद केजरीवाल जब मुख्यमंत्री चुने गए हैं, तो वह खुफिया ब्यूरो के प्रमुख की तरह काम क्यों करना चाहते हैं।"
इससे पहले एक टेलीविजन रिपोर्ट में कहा गया था कि दिल्ली सरकार दिल्ली की भ्रष्टाचार-रोधी शाखा (एसीबी) की निगरानी क्षमता बढ़ाने के लिए अत्याधुनिक जासूसी उपकरण खरीदने की योजना बना रही है।
आप सरकार ने हालांकि इसका खंडन किया।
आप के प्रवक्ता नागेंद्र शर्मा ने ट्वीट किया, "दिल्ली सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव जारी नहीं किया गया है, जिसमें तथाकथित जासूसी उपकरण खरीदने की बात हो और न ही मंत्रिमंडल की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी किया गया है।"
उल्लेखनीय है कि दिल्ली की आप सरकार ने 100 दिनों में 35 अफसरों को गिरफ्तार और इंजीनियर सहित 153 अफसरों को निलंबित किया है।