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CM शिवराज ने पूरे किए 10 साल, तोड़ा दिग्विजय सिंह का रिकॉर्ड

 Written By: India TV News Desk
 Published : Nov 29, 2015 05:30 pm IST,  Updated : Nov 29, 2015 05:30 pm IST

नई दिल्ली: शिवराज सिंह चौहान ने बतौर मुख्यमंत्री आज 29 नवंबर को अपने 10 साल पूरे किए। अभी तक यह उपलब्धि 1993 से 2003 तक मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के नाम थी. शिवराज

शिव'राज' के 10 साल पूरे, PM...- India TV Hindi
शिव'राज' के 10 साल पूरे, PM ने दी बधाई

नई दिल्ली: शिवराज सिंह चौहान ने बतौर मुख्यमंत्री आज 29 नवंबर को अपने 10 साल पूरे किए। अभी तक यह उपलब्धि 1993 से 2003 तक मुख्यमंत्री रहे कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के नाम थी. शिवराज सरकार के मध्य प्रदेश में 10 साल पूरे होने के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्विटर के जरिए सीएम चौहान को बधाई दी.

शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च, 1959 को जैतगाँव, सिहोर जिला, मध्य प्रदेश में 'किरार राजपूत' परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम प्रेमसिंह चौहान और माता का नाम सुंदरबाई चौहान है.

जब शिवराज सिंह ने सीएम पद संभाला था तब भाजपा में उथल पुथल चल रही थी। प्रदेश की राजनीति मे इतने बड़े स्तर पर पदार्पण करना भी किसी अचंभे से कम नहीं था। बहरहाल उस समय हुए इस अप्रत्याशित परिवर्तन से प्रदेश को आज तक कभी किसी बड़े नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा बल्कि शिवराज के मुख्यमंत्री बनने के बाद पिछले एक दशक मे प्रदेश के इतिहास में एक बड़ी सामाजिक क्रांति ही देखी गई।

शिवराज सिंह ने की थी कुंवारे रहने की प्रतिज्ञा

ये बात शायद ही लोग जानते हों कि शिवराज सिंह चौहान ने कभी कुंवारे रहने की प्रतिज्ञा की थी। लेकिन बाद में उनमें बदलाव आया और 1992 में उन्होंने साधना सिंह से विवाह किया। शिवराज सिंह चौहान के दो बेटे भी हैं।

तीसरी बार सत्ता पाने में हुए सफल

10 साल में मुख्यमंत्री रहते शिवराज के अथक प्रयासों से प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में हुए सामाजिक परिवर्तन के लिए की गई तमाम घोषणाओं, योजनाओं एवं उनके सफल क्रियान्वयन के दम पर भाजपा और शिवराज लगातार तीसरी बार प्रदेश की सत्ता पाने मे सफल हुए।

आज शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के ऐसे मुख्यमंत्री के रूप मे पहचान बना चुके हैं, जो प्रदेश के मुखिया भले हो परंतु ज़मीन पर जाकर काम करने से कभी परहेज नहीं करते, एक सेवक के रूप मे वे गावों में, खेतों में, पंचायतों मे जाकर ये परखने का काम आज भी कर रहे हैं।

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