1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. हिजबुल ने नेताओं को उर्दू में चिट्ठी लिखकर दी धमकी, कहा- राजनीति नहीं छोड़ी तो...

हिजबुल ने नेताओं को उर्दू में चिट्ठी लिखकर दी धमकी, कहा- राजनीति नहीं छोड़ी तो...

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 13, 2020 04:53 pm IST,  Updated : Sep 13, 2020 04:53 pm IST

पुलिस ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को सैयद सलाउद्दीन के नेतृत्व वाले आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से धमकी भरी चिट्ठी मिलने के बाद एक FIR दर्ज की है।

Hizbul Letter, Hizbul Mujahideen Letter, Hizbul Letter Jitendra Singh, Hizbul Letter Ravindra Raina- India TV Hindi
पुलिस ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को सैयद सलाउद्दीन के नेतृत्व वाले हिजबुल मुजाहिदीन से धमकी भरी चिट्ठी मिलने के बाद एक FIR दर्ज की है। Image Source : AP FILE

जम्मू: पुलिस ने कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को सैयद सलाउद्दीन के नेतृत्व वाले आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से धमकी भरी चिट्ठी मिलने के बाद एक FIR दर्ज की है। अधिकारियों ने रविवार को इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि उर्दू में लिखे 2 पृष्ठों के पत्र में धमकी दी गई है कि अगर जम्मू क्षेत्र के मुख्यधारा के नेता राजनीति नहीं छोड़ेंगे, तो उन्हें निशाना बनाया जाएगा। इसमें केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह को भी निशाना बनाने की बात कही गई है। अधिकारियों ने रविवार को बताया कि पत्र आतंकवादी संगठन के ‘लेटर पैड’ पर लिखा गया है।

डाक के जरिए भेजा गया था पत्र

यह पत्र जम्मू कश्मीर कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पर्वू मंत्री रमन भल्ला को शुक्रवार को उनके मुख्यालय में डाक के जरिए भेजा गया। जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्रीधर पाटिल ने कहा, ‘हमने संबद्ध धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया है और जांच की जा रही है।’ भल्ला ने कहा कि पत्र मिलने के बाद उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया क्योंकि इसकी पूरी तफ्तीश जरूरी है। कांग्रेस नेता ने कहा,‘हम राष्ट्र-विरोधी तत्वों की ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। पिछले तीन दशक से पाकिस्तान के इशारे पर जम्मू कश्मीर में फैलाए गए आतंक के खिलाफ हम खड़े हैं और जम्मू कश्मीर को आतंकवाद मुक्त, शांतिपूर्ण और समृद्ध बनाने के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करते रहेंगे।’

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह समेत कई नेताओं के नाम
पत्र पर हिजबुल मुजाहिदीन के एक स्वयंभू डिवीजनल कमांडर के हस्ताक्षर हैं। पत्र में केंद्रीय मंत्री सिंह, भल्ला, जम्मू कश्मीर भाजपा अध्यक्ष रविंद्र रैना, पूर्व उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह, नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रांतीय अध्यक्ष देवेंद्र राणा डोगरा स्वाभिमान संगठन के नेता चौधरी लाल सिंह और नेशनल पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष हर्ष देव सिंह के अलावा कई अन्य पूर्व मंत्रियों, विधायकों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पदाधिकारियों सहित विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के 17 वरिष्ठ नेताओं के नाम हैं। पत्र में कहा गया है, ‘हम आपको चेतावनी देते हैं कि राजनीति छोड़ दें और स्वतंत्रता के लिए हमारी लड़ाई में हमारा साथ दें, अन्यथा आपके खिलाफ मौत का वारंट जारी हो चुका है। कोई भी सुरक्षा कवच हमसे नहीं बचा सकता।’ 

‘आधा जम्मू पहले से ही हमारे साथ है’
चिट्ठी में आगे लिखा है, ‘इस पर काम शुरू हो चुका है और जो लोग संसद पर या लाल किले पर हमला कर सकते हैं, वह आपको भी जान से मार सकते हैं। आने वाले दिनों में भारत का समर्थन करने वाला कोई भी भारतीय या नेता कश्मीर में जिंदा नहीं बचेगा। आधा जम्मू पहले से ही हमारे साथ है, लेकिन कुछ नेता हैं जो आजादी के हमारे रास्ते में बाधा हैं।’ जेकेएनपीपी के अध्यक्ष हर्ष देव सिंह ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की और कहा कि यह विपक्ष को भयभीत करने की साजिश का हिस्सा लगता है।

‘प्रशासन ने नहीं मुहैया कराई सुरक्षा’
हर्ष देव सिंह ने ने कहा, ‘भारतीय जनता पार्टी के नेताओं से धमकी मिलने के बाद मैंने कई बार सुरक्षा संबंधी चिंताओं को उठाया है, लेकिन मेरी शिकायत पर कार्रवाई करना तो दूर प्रशासन ने मुझे सुरक्षा तक मुहैया नहीं कराई।’ उन्होंने कहा कि लगातार तीन बार विधायक और एक पूर्व मंत्री होने के बावजूद उनके पास केवल एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO) है, जबकि भाजपा के एक साधारण कार्यकर्ता तक को 10 सुरक्षाकर्मी दिए जाते हैं, आवास और वाहन दिया जाता है। (भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत