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दिल्ली सेवा बिल: राज्यसभा में अमित शाह ने केजरीवाल सरकार को घेरा, कहा- वो पूर्ण राज्य की पावर एन्जॉय करना चाहते हैं

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Aug 07, 2023 08:37 pm IST,  Updated : Aug 07, 2023 09:47 pm IST

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के किसी भी सीएम के साथ ऐसे झगड़े नहीं हुए हैं।

Amit Shah- India TV Hindi
अमित शाह Image Source : ANI

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में दिल्ली सेवा बिल को लेकर बयान दिया है। उन्होंने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने दिल्ली को पूरा अधिकार नहीं दिया। हमें किसी राज्य के पावर को लेने की जरूरत नहीं है। वो (केजरीवाल सरकार) पूर्ण राज्य की पावर एन्जॉय करना चाहते हैं। दिल्ली के किसी भी सीएम के साथ ऐसे झगड़े नहीं हुए हैं। दिल्ली में अराजकता फैलाने का काम शुरू किया गया। केजरीवाल सरकार पावर का अतिक्रमण करती है। 

बिल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन नहीं करता: शाह

शाह ने कहा, 'इस बिल का उद्देश्य दिल्ली में सुचारू रूप से भ्रष्टाचार मुक्त शासन हो। बिल के एक भी प्रावधान से, पहले जो व्यवस्था थी, उस व्यवस्था में एक इंच मात्र भी परिवर्तन नहीं हो रहा है।' उन्होंने कहा कि दिल्ली सेवा विधेयक किसी भी तरह से सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन नहीं करता।

शाह ने कहा, 'पहले दिल्ली में ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर झगड़े नहीं होते थे, किसी सीएम को दिक्कत नहीं होती थी। 2015 में एक 'आंदोलन' के बाद सरकार बनी। कुछ लोगों ने कहा कि केंद्र सत्ता अपने हाथ में लेना चाहती है। केंद्र को ऐसा करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि भारत के लोगों ने हमें शक्ति और अधिकार दिया है।'

शाह ने कहा कि कई बार केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तो दिल्ली में भाजपा की सरकार थी, कई बार केंद्र में भाजपा की सरकार थी तो दिल्ली में कांग्रेस की, उस समय ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर कभी झगड़ा नहीं हुआ। उस समय इसी व्यवस्था से निर्णय होते थे और किसी मुख्यमंत्री को दिक्कत नहीं हुई। कई सदस्यों द्वारा बताया गया कि केंद्र को शक्ति हाथ में लेनी है। हमें शक्ति लेने की जरूरत नहीं क्योंकि 130 करोड़ की जनता ने हमें शक्ति दी हुई है।

क्यों लाए बिल? अमित शाह ने बताया

शाह ने कहा, 'संविधान सभा में सबसे पहला संविधान संशोधन पारित किया गया था। तब से संविधान को बदलने की प्रक्रिया चल रही है। हम संविधान में बदलाव आपातकाल डालने के लिए नहीं लाए हैं। हम संविधान में बदलाव उस समय की तत्कालीन प्रधानमंत्री की सदस्यता को पुनर्जीवित करने के लिए नहीं लाए हैं।'

उन्होंने कहा, 'यह बिल हम शक्ति को केंद्र में लाने के लिए नहीं बल्कि केंद्र को दी हुई शक्ति पर दिल्ली UT की सरकार अतिक्रमण करती है, इसको वैधानिक रूप से रोकने के लिए यह बिल लेकर लाए हैं।'

शाह ने केजरीवाल को घेरा

शाह ने कहा, 'उन्होंने (AAP सरकार) सतर्कता विभाग में अधिकारियों का तबादला कर दिया क्योंकि 'आबकारी घोटाले' से संबंधित फाइलें वहां पड़ी थीं। कांग्रेस के विरोध के बाद आम आदमी पार्टी का जन्म हुआ। उन्होंने (AAP) कांग्रेस के खिलाफ लगभग तीन टन आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और अस्तित्व में आए और आज वे इस बिल के विरोध में कांग्रेस से समर्थन मांग रहे हैं। जिस वक्त यह बिल पास होगा, अरविंद केजरीवाल जी पलट जाएंगे, ठेंगा दिखाएंगे और कुछ नहीं होने वाला।'

शाह ने कहा, 'मैं मणिपुर पर चर्चा के लिए तैयार हूं। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। आप (विपक्ष) ही हैं जिनके पास छिपाने के लिए कुछ है कि आप चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। अगर खरगे 11 अगस्त को चर्चा के लिए हां कहते हैं, तो मैं भी इसके लिए तैयार हूं।'

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