वक्फ संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में राजनीति गरम है। मोदी सरकार इस कानून को मुस्लिमों की भलाई के लिए जरूरी बता रही है तो वहीं कांग्रेस समेत अनेक विपक्षी पार्टियां और कई मुस्लिम संगठन वक्फ संशोधन कानून को मुसलमानों के खिलाफ बता रही है। सुप्रीम कोर्ट में भी वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। दूसरी ओर दाऊदी बोहरा समुदाय के लोगों ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है और उन्हें वक्फ संशोधन कानून के लिए धन्यवाद कहा है।
आज गुरुवार को दाऊदी बोहरा समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर वक्फ संशोधन अधिनियम के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह समुदाय की लंबे समय से लंबित मांग थी। उन्होंने प्रधानमंत्री के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के विजन पर भी भरोसा जताया।
वक्फ कानून पर पीएम मोदी ने कहा- "मैंने 5 साल तक वक्फ कानून की बारीकी समझी..मुस्लिम समाज से 1700 से ज्यादा शिकायतें मिली थी..शिकायत करने वाली ज्यादातर मुस्लिम महिलाएं थीं। वक्फ के नाम पर कुछ लोग गरीबों की संपत्ति कब्जा कर रहे थे। वक्फ कानून को लेकर काफी विचार-विमर्श किया गया, वक्फ एक्ट रातों-रात नहीं बना।"
दूसरी ओर वक्फ कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल वक्फ कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, जस्टिस पीवी संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने वक्फ कानून के खिलाफ याचिकाओं पर सुवनाई करते हुए गुरुवार को कहा कि अगले आदेश तक वक्फ में कोई नई नियुक्ति नहीं होगी। इसके साथ ही सरकार को जवाब देने के लिए 7 दिन का वक्त दिया गया है।
ये भी पढ़ें- उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने न्यायपालिका पर उठाए सवाल, बोले- आर्टिकल 142 न्यूक्लियर मिसाइल बन गया है
नए वक्फ कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के क्या हैं मायने? सरकार के लिए हैं ये पाबंदियां
संपादक की पसंद