Tamil Nadu Election 2026 Results: तमिलनाडु की राजनीति में एक अनोखा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। एम. के. स्टालिन की अगुवाई वाली DMK सरकार ने Tamil Nadu Assembly Election 2026 से ठीक पहले महिलाओं को आर्थिक रूप से साधने का बड़ा प्रयास किया था, लेकिन रुझानों में इसका अपेक्षित प्रभाव नहीं दिख रहा है।
एकमुश्त 5 हजार रुपये देने का आइडिया 'फेल'
दरअसल, स्टालिन की सरकार पहले से ही महिलाओं के बैंक खातों में प्रति महीने 1 हजार रुपये की सहायता राशि भेज रही थी। लेकिन Assembly Election से ऐन पहले इस स्कीम को और आक्रामक रूप दे दिया गया। DMK सरकार ने फरवरी की किस्त, मार्च-अप्रैल की एडवांस किस्त और 2 हजार रुपये का “समर असिस्टेंस” जोड़कर एकमुश्त 5 हजार रुपये महिलाओं के बैंक अकाउंट्स में ट्रांसफर कर दिए थे।
DMK को नहीं मिली BJP और JMM जैसी कामयाबी
माना जा रहा था कि स्टालिन सरकार का यह स्टेप महिला मतदाताओं को निर्णायक तौर पर प्रभावित कर सकता है। हालांकि, इससे पहले मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और बिहार में BJP ने महिलाओं को सीधे आर्थिक तौर पर मदद देकर चुनाव में कामयाबी हासिल की थी। वहीं, झारखंड में हेमंत सोरेन की पार्टी JMM को भी इसी प्रकार की स्कीम से लाभ मिला था।
नहीं काम आई महिलाओं को आर्थिक मदद की रणनीति
शायद, इन्हीं उदाहरणों को ध्यान में रखते हुए स्टालिन ने भी इसी फॉर्मूले को अपनाया, लेकिन तमिलनाडु के वोटर्स ने इसको लेकर अलग रुख दिखाया। Tamil Nadu Election 2026 के रुझान इशारा कर रहे हैं कि सिर्फ आर्थिक मदद पर निर्भर स्ट्रैटेजी इस बार कारगर साबित नहीं हुई।
लोकल मुद्दे और सत्ता-विरोधी लहर रही हावी
तमिलनाडु में लोकल मुद्दों, सरकार का प्रदर्शन और विपक्ष की स्ट्रैटेजी जैसे कई अन्य कारकों ने भी वोटिंग पैटर्न पर असर डाला। ऐसे में यह स्पष्ट दिख रहा है कि सिर्फ आर्थिक प्रोत्साहन ही Election जीतने की गारंटी नहीं है।