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तिरुपति लड्डू प्रसादम में जानवरों की चर्बी के दावे पर आया पूर्व सीएम जगन मोहन रेड्डी का बयान, TDP को दिया करारा जवाब

 Published : Sep 20, 2024 04:43 pm IST,  Updated : Sep 20, 2024 05:13 pm IST

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि टीडीपी धार्मिक मामलों का राजनीतिकरण कर रही है। चंद्रबाबू नायडू की मानसिकता राजनीति के लिए भगवान का इस्तेमाल करने की है।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी- India TV Hindi
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी Image Source : FILE-PTI

अमरावती: तिरुपति लड्डू प्रसादम विवाद पर बीजेपी और टीडीपी के आरोपों पर आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बड़ा बयान दिया है। जगन मोहन रेड्डी ने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि टेंडर प्रक्रिया हर छह महीने में होती है और योग्यता मानदंड दशकों से नहीं बदले हैं। आपूर्तिकर्ताओं को एनएबीएल प्रमाणपत्र और उत्पाद गुणवत्ता प्रमाणपत्र हासिल करना होता। हमने अपने शासन में 18 बार उत्पादों को खारिज कर दिया है।

टीडीपी पर राजनीति करने का लगाया आरोप

जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि टीडीपी धार्मिक मामलों का राजनीतिकरण कर रही है। चंद्रबाबू नायडू की मानसिकता राजनीति के लिए भगवान का इस्तेमाल करने की है। उन्होंने कहा कि यह ध्यान भटकाने की राजनीति है। एक तरफ लोग चंद्रबाबू नायडू के 100 दिन के शासन को लेकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। वे पूछ रहे हैं कि उनके ‘सुपर सिक्स’ (चुनावी वादों) का क्या हुआ। लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह मनगढ़ंत कहानी रची जा रही है। उन्होंने कहा कि घी में मिलावट के आरोप अति गंभीर हैं।

उन्होंने पूछा कि दुनिया भर में करोड़ों भक्तों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करना क्या उचित है। जगन ने कहा कि सबूत के तौर पर प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट में जिन नमूनों, जांच और परिणाम का उल्लेख किया है, वे एनडीए सरकार में ही सामने आए। उन्होंने कहा कि हर छह महीने में घी आपूर्तिकर्ता का चयन करना तिरुमला तिरूपति देवस्थानम (टीटीडी) की एक नियमित प्रक्रिया है जो दशकों से जारी है और इसमें कोई नयी बात नहीं है। 

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम का सामने आया बयान

इस बीच, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के कार्यकारी अधिकारी शमाला राव ने कहा कि प्रसादम की गुणवत्ता को लेकर आशंकाएं थीं और सीएम नायडू के निर्देशों के तहत एक प्रयोगशाला परीक्षण किया गया था। जब मैंने कार्यकारी अधिकारी टीटीडी के रूप में पदभार संभाला, तो सीएम ने खरीदे गए घी और लड्डू की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त की, जिसे बहुत पवित्र माना जाता है और भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को 'प्रसादम' के रूप में चढ़ाया जाता है। वह चाहते थे कि मैं यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाऊं कि इस मंदिर की पवित्रता बहाल हो, जिसमें शुद्ध गाय के दूध का घी भी शामिल हो

 कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग

वहीं, आंध्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वाई.एस. शर्मिला ने तिरुपति प्रसादम विवाद पर कहा कि कल हमने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को उनके शासनकाल के 100 दिनों का जश्न मनाते हुए देखा और बहुत ही सहजता से उन्होंने उल्लेख किया कि पुरानी सरकार यानि जगन मोहन रेड्डी सरकार तिरुपति प्रसादम के साथ हुए मिलावट में शामिल थी। यह करोड़ों लोगों की भावनाओं और विश्वास से संबंधित है।

चंद्रबाबू नायडू ने एक रिपोर्ट पेश की जिसमें प्रसाद का एक नमूना उस दिन लिया गया था जिस दिन उन्होंने सत्ता संभाली थी और इसमें बताया गया कि तिरुपति में प्रसाद के रूप में इस्तेमाल होने वाले लड्डू को बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री में बीफ की चर्बी और मछली का तेल है। हमें समझ में नहीं आ रहा है कि चंद्रबाबू नायडू ने इसे इतना सहज क्यों बना दिया है। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है। हम इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं क्योंकि यह कोई छोटा मामला नहीं है। हमने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी पत्र लिखकर इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। 

(एएनआई और पीटीआई इनपुट के साथ)

 

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