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अन्नामलाई ने BJP से इस्तीफा दिया, जानिए पार्टी से आखिर नाराजगी क्यों?

 Published : Jun 05, 2026 10:55 am IST,  Updated : Jun 05, 2026 12:00 pm IST

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में साइडलाइन किए जाने से नाराज अन्नामलाई ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। आज 12 बजे वह बड़ा ऐलान करेंगे।

Annamalai- India TV Hindi
अन्नामलाई Image Source : PTI (FILE PHOTO)

तमिलनाडु में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने बीजेपी से इस्तीफा दे दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अन्नामलाई का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। राज्य विधानसभा चुनाव में साइडलाइन किए जाने से नाराज अन्नामलाई थोड़ी देर में बड़ा ऐलान करेंगे। उनके एक सोशल मीडिया पोस्ट ने चेन्नई से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

BJP से अलग मोर्चा, अन्नामलाई के दिल में क्या?

बताया जा रहा है कि वह नई पार्टी बनाने की तैयारी में हैं। राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चा के अनुसार, अन्नामलाई स्वतंत्र रूप से राजनीति में उतरने की योजना बना रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 2 जून को अमित शाह से मुलाकात भी की थी। सूत्रों के मुताबिक, अन्नामलाई बीजेपी से बिना टकराव वाली सम्मानजनक विदाई चाहते थे। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में उन्होंने तमिलनाडु बीजेपी की अंदरूनी स्थिति और अपनी चिंताओं को खुलकर रखा था।

बता दें कि तमिलनाडु की राजनीति में अन्नामलाई को युवा और आक्रामक चेहरा माना जाता है इसीलिए उनका अगला कदम सिर्फ बीजेपी ही नहीं बल्कि पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

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Image Source : PTIअमित शाह और अन्नामलाई।

BJP से नाराजगी क्यों?  

1. भाजपा का AIADMK के साथ गठबंधन- अन्नामलाई लगातार भाजपा के AIADMK के साथ गठबंधन का विरोध करते रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनावों में, भाजपा ने तमिलनाडु में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा, जबकि AIADMK एनडीए से बाहर रही। BJP ने 23 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 11.24 प्रतिशत वोट हासिल किए। हालांकि, वह राज्य में एक भी सीट जीतने में असफल रही, यहां तक ​​कि कोयंबटूर निर्वाचन क्षेत्र में अन्नामलाई को भी हार का सामना करना पड़ा।

2. अन्नामलाई को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाना- अन्नामलाई ने 2021 से 2025 तक भाजपा की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इस दौरान राज्य में पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता और प्रभाव के कारण वे एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए। अप्रैल 2025 में, भाजपा ने AIADMK के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए कथित तौर पर नैनार नागेंद्रन को उनकी जगह अध्यक्ष बना दिया। खबरों के मुताबिक, AIADMK के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने भाजपा के साथ गठबंधन वार्ता शुरू करने के लिए अन्नामलाई को हटाने को एक प्रमुख शर्त बना दिया था। सूत्रों ने बताया कि पलानीस्वामी, अन्नामलाई की AIADMK के खिलाफ पहले की गई टिप्पणियों और आलोचना से नाखुश थे, जिसके कारण दोनों पार्टियों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।

3. 2026 विधानसभा चुनावों में अन्नामलाई की अनदेखी- साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अन्नामलाई नाराज दिखे। खबरों के अनुसार पार्टी के महत्वपूर्ण निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उन्हें दरकिनार किए जाने के कारण ऐसा हुआ। उनकी असंतुष्टि इतनी स्पष्ट थी कि उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।

4. नीतिगत मतभेद- के. अन्नामलाई ने भाजपा की कुछ नीतियों पर भी आपत्ति जताई। उदाहरण के लिए, उन्होंने स्कूलों में तीन-भाषा नीति को लागू करने के केंद्र सरकार की टाइमिंग पर सवाल उठाया, जिससे यह संकेत मिलता है कि तमिलनाडु को प्रभावित करने वाले किसी भी मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करने के लिए वे तत्पर हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से अधिसूचना रद्द करने का आग्रह किया था।

5. चुनावी रणनीति पर मतभेद- गठबंधन प्रबंधन, उम्मीदवार चयन और सीट बंटवारे की व्यवस्था को लेकर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ अन्नामलाई के मतभेदों की खबरें भी सामने आई हैं।

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