Friday, March 13, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राजनीति
  4. कश्मीर में हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों ने अलगाववाद से किया किनारा, गृह मंत्री शाह ने दी जानकारी

कश्मीर में हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों ने अलगाववाद से किया किनारा, गृह मंत्री शाह ने दी जानकारी

Reported By : Devendra Parashar Edited By : Niraj Kumar Published : Mar 27, 2025 03:47 pm IST, Updated : Mar 27, 2025 04:16 pm IST

हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों, जम्मू-कश्मीर तहरीकी इस्तेकलाल और जम्मू-कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकामत ने अलगाववाद को छोड़ दिया है।

Amit Shah- India TV Hindi
Image Source : PTI अमित शाह

नई दिल्ली:  धारा 370 खत्म होने के बाद से जम्मू-कश्मीर लगातार बदलाव की राह पर है। इसी कड़ी में कश्मीर से आज एक बड़ी खबर आई है। हुर्रियत से जुड़े दो समूहों ने अलगाववाद को छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने का फैसला किया है। इसकी जानकारी खुद गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स पर दी है। हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों, जम्मू-कश्मीर तहरीकी इस्तेकलाल और  जम्मू-कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकामत ने अलगाववाद को छोड़ दिया है।

कश्मीर घाटी से बड़ी खुशखबरी

अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा-'कश्मीर घाटी से एक और बड़ी खुशखबरी। हुर्रियत से जुड़े दो और समूहों, J&K तहरीकी इस्तेकलाल और J&K तहरीक-ए-इस्तिकामत ने अलगाववाद को त्याग दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा निर्मित नए भारत में अपना विश्वास जताया है। मोदी सरकार के तहत अलगाववाद अपनी अंतिम सांस ले रहा है और पूरे कश्मीर में एकता की जीत की गूंज सुनाई दे रही है।'

जेकेपीएम और जेकेडीपीएम ने भी छोड़ा अलगावाद

बता दें कि इससे पहले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो घटक दलों जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) और जेएंडके डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट (जेकेडीपीएम) ने अलगाववाद से अपने सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की थी। इसका भी ऐलान गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। उन्होंने कहा था कि इससे भारत की एकता मजबूत होगी। बता दें कि जेकेपीएम का नेतृत्व शाहिद सलीम कर रहे हैं, जबकि जेकेडीपीएम का नेतृत्व वकील शफी रेशी कर रहे हैं। 

संविधान के प्रति निष्ठा का लिया संकल्प

सलीम ने एक बयान में कहा कि उन्होंने खुद को और अपने संगठन को अलगाववादी विचारधारा से अलग कर लिया है और भारत और संविधान के प्रति निष्ठा का संकल्प लिया है। सलीम ने यहां एक बयान में कहा, ‘‘मैं भारत का एक वफादार नागरिक हूं, और मेरा संगठन और मैं, दोनों भारत के संविधान के प्रति निष्ठा रखते हैं।’’ सलीम और रेशी के फैसलों का स्वागत करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि यह कदम भारत की एकता को मजबूत करेगा और मोदी सरकार की एकीकरण नीतियों ने जम्मू-कश्मीर से अलगाववाद को ‘खत्म’ कर दिया है। 

अलगाववादी समूहों पर प्रतिबंध

ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (एपीएचसी) जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों का एक समूह है। इसके अधिकांश घटकों पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया है। सलीम ने अपने संदेश में कहा कि उन्हें और उनके संगठन को ‘ऑल पार्टीज हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’ की विचारधारा से कोई सहानुभूति नहीं है, जो ‘‘जम्मू-कश्मीर के लोगों की वैध आकांक्षाओं और शिकायतों को दूर करने में सक्षम नहीं है।’’ सलीम ने कहा, ‘‘मैं भारत का एक वफादार नागरिक हूं। मेरा संगठन और मैं किसी ऐसे संगठन या संघ से संबद्ध नहीं हैं, जिसका एजेंडा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भारत और उसके हितों के खिलाफ हो। मेरा संगठन और मैं, दोनों भारत के संविधान के प्रति निष्ठा रखते हैं।’’  (इनपुट-भाषा)

 

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Politics से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement