नई दिल्लीः अभी हाल में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव में विपक्ष के कई विधायकों ने बीजेपी के लिए क्रॉस वोटिंग कर अपनी ही पार्टी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हरियाणा, बिहार और ओडिशा में कांग्रेस के कई विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर बीजेपी के पक्ष में वोट दिया लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के तीन मुस्लिम विधायकों की हो रही है, जिन्होंने बीजेपी के उम्मीदवार को वोट दिया। इससे कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा। हरियाणा के दो मुस्लिम विधायकों ने बीजेपी नेता और निर्दलीय उम्मीदवार को वोट दिया तो ओडिशा में कांग्रेस की एक मुस्लिम विधायक ने बीजेपी को वोट देकर विपक्ष का खेल खराब कर दिया।
हरियाणा में कांग्रेस के करीब 9 विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर बीजेपी नेता और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में वोट दिया। पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की तो चार विधायकों के वोट अमान्य घोषित किए गए। कांग्रेस के जिन पांच विधायकों ने सतीश नांदल को वोट दिया उनमें दो मुस्लिम विधायक भी शामिल हैं। आइए जानते हैं कांग्रेस के मुस्लिम विधायकों के बारे में..
मोहम्मद इलियास के बारे में जानें
कांग्रेस ने क्रॉस वोटिंग करने वाले जिन विधायको को नोटिस देकर जवाब मांगा है, उनमें विधायक मोहम्मद इलियास का नाम भी शामिल है। मोहम्मद इलियास मुस्लिम बहुल इलाके मेवात की पुन्हाना से विधायक हैं। कांग्रेस में आने से पहले इलियास इनेलो में थे। पुन्हाना से उन्होंने तीसरी बार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचने में कामयाब रहे। 2024 के विधानसभा चुनाव में मो. इलियास ने 31916 वोटों से जीत दर्ज की थी। मोहम्मद इलियास ने 85300 मिले थे। उन्होंने यहां से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की। इससे पहले भी वह यहां से विधायक रह चुके हैं। 2019 के विधानसभा में इलियास ने 816 वोटों के अंतर जीत दर्ज की थी। 2014 के चुनाव में इलियास इनेलो के टिकट पर चुनाव लड़े थे लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने इनेलो के टिकट पर यहां से 2009 में पहली बार जीत दर्ज की थी।
कौन हैं मोहम्मद इसराइल
मोहम्मद इसराइल पलवल जिले की हथीन विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। वह हथीन के ही रहने वाले हैं। उनका परिवार लंबे समय से कांग्रेस के साथ जुड़ा रहा है। उनके पिता भी हथीन से कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। 2019 में पिता के निधन के बाद उन्होंने इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन करीब 2900 वोट से हार गए। 2024 में कांग्रेस ने उन्हें फिर से मौका दिया और वह पहली बार यहां से विधायक चुने गए। उन्होंने बीजेपी के मनोज रावत को 32 हजार वोटों से हराया था। उन्होंने अपनी पढ़ाई जामिया मिल्लिया इस्लामिया दिल्ली से की है।
कौन हैं सोफिया फिरदौस?
23 अगस्त, 1991 को जन्मी सोफिया फिरदौस ओडिशा की बाराबती-कटक विधानसभा सीट से कांग्रेस की विधायक हैं। उन्हें ओडिशा की पहली महिला मुस्लिम विधायक होने का गौरव प्राप्त है। सोफिया फिरदौस के पिता भी यहां से विधायक रह चुके हैं। सोफिया का परिवार भी कांग्रेसी रहा है। सोफिया ने अपनी स्कूली शिक्षा कटक के सेंट जोसेफ गर्ल्स हाई स्कूल और रेवेनशॉ जूनियर कॉलेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने KIIT, भुवनेश्वर से सिविल इंजीनियरिंग में B.Tech की डिग्री हासिल की और बाद में 2022 में IIM बैंगलोर से एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम पूरा किया। सोफिया फिरदौस की शादी 2015 में व्यवसायी शेख मेराज़ुल हक से हुई। बीजेपी समर्थित उम्मीदवार को वोट देने की वजह से कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया है।