नई दिल्ली: आज पार्लियामेंट से हैरान करने वाली खबर आई। एक सासंद महोदय लोकसभा में बैठकर ई-सिगरेट पी रहे थे। कुछ सदस्यों ने उनकी इस हरकत को देख लिया। सदस्यों ने आपत्ति जताई तो फिर हंगामा हो गया। जांच की मांग की गई, स्पीकर से एक्शन लेने को कहा गया। जिस वक्त हंगामा हुआ, उस वक्त सदन में बीजेपी के नेता अनुराग ठाकुर बोल रहे थे। जैसे ही शोर शराबा शुरू हुआ तो अनुराग ठाकुर ने स्पीकर से इस मुद्दे पर रूलिंग देने को कहा। अनुराग ठाकुर ने कहा कि ई-सिगरेट तो पूरे देश में बैन है। 6 साल पहले 2019 में ही ई-सिगरेट पर देशभर में पाबंदी लगा दी गई है, फिर कोई सांसद लोकसभा में बैठकर कैसे ई-सिगरेट पी सकता है। स्पीकर को भी मामला समझने में 2 मिनट लगे। उन्होंने पूछा कौन ई-सिगरेट पी रहा है। इस पर कई सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस के सांसदों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि तृणमूल के एक सांसद अक्सर हाउस में बैठकर ई-सिगरेट पीते हैं। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वो इसकी जांच कराएंगे और इस तरह की हरकत करने वाले सांसद के खिलाफ एक्शन लेंगे।
किसे ई-सिगरेट पीते हुए देखा गया
हालांकि, सदन में कौन सांसद ई-सिगरेट पी रहा था, उनका नाम तो किसी ने नहीं लिया। शोर-शराबे के बीच मामला वहीं खत्म हो गया लेकिन इसके कुछ ही देर के बाद सदन के बाहर पार्लियामेंट प्रमाइसेस में ममता की पार्टी के सबसे सीनियर MP सौगत रॉय को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और गजेंद्र सिंह शेखावत ने सिगरेट पीते हुए देख लिया। उन्होंने इसका विरोध किया। हालांकि, इन सब बातों का ना सौगत रॉय की सेहत पर कोई फर्क पड़ा और ना ही उन्होंने सिगरेट बुझाई। वो मुस्कुराते हुए सिगरेट पीते रहे।
गिरिराज सिंह का TMC पर आरोप
इसके बाद गिरिराज सिंह ने कहा कि हर कोई ये बात जानता है कि सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने जिस तरह लोकसभा में सिगरेट पीने का बचाव किया, उससे साफ है कि पार्टी को ना तो कानून ही परवाह है और ना ही संसद की गरिमा की।
TMC ने केंद्र सरकार पर किया पलटवार
गिरिराज सिंह तो अपनी बात कहकर चले गए लेकिन सौगत रॉय ने कहा कि गिरिराज सिंह या गजेंद्र सिंह शेखावत कोई स्पीकर हैं जो हर सांसद उनकी बात सुने। तृणमूल कांग्रेस की एक और सांसद डोला सेन ने तो अनुराग ठाकुर और मोदी सरकार के मंत्रियों पर ही झूठ बोलने का आरोप लगा दिया। डोला सेन ने कहा कि बीजेपी तमाम कोशिशों के बावजूद बंगाल नहीं जीत पा रही, इसलिए अब झूठे आरोप लगा रही है।
E-Cigarette का चलन क्यों बढ़ा
गौरतलब है कि जब इनडोर जगहों पर Cigarette पीने पर रोक लगी तो बहुत सारे लोग E-Cigarette पीने लगे। लेकिन ये भी कम खतरनाक नहीं है। 6 साल पहले जब E-Cigarette पर पाबंदी लगी तो इसका चलन कम हो गया लेकिन कोई Parliament का मेंबर संसद के भीतर बैठकर E-Cigarette पिए तो सवाल तो पूछे जाएंगे।
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