गुवाहाटी: ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता बदरुद्दीन अजमल ने आज असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से बात की और कहा कि असम में लोगों की जिस तरीके से बेदखली हो रही है उसी मुद्दे पर मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई। उन्होंने भरोसा दिया है कि थोड़ा समय लगेगा लेकिन सरकार की ओर से जमीन और घर मुहैया कराया जाएगा।
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अमानवीय आधार पर बेदखली-अजमल
बदरूद्दीन अजमल ने कहा-"पूरे असम में जिस तरह की बेदखली हो रही है, वह अमानवीय आधार पर हो रही है... मुख्यमंत्री ने हमें भरोसा दिया कि इसमें समय लगेगा लेकिन हम उन्हें जमीन और घर देंगे। हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री ने जैसा कहा है वैसा ही करेंगे।
धार्मिक कट्टरपंथ को रोकने के लिए साथ आएं-विश्व शर्मा
इससे पहले कल हिमंत विश्व शर्मा ने आह्वान किया था कि सभी दलों के विधायकों को राज्य में धार्मिक कट्टरपंथ को जड़ें जमाने से रोकने के लिए पार्टी की विचारधारा से हटकर एकसाथ आना चाहिए। उन्होंने सभी विधायकों से ऐसी ‘नकारात्मक शक्तियों’ के उभरने से संबंधित मुद्दों को उचित चर्चा के लिए सदन में उठाने की अपील की। दरअसल एआईयूडीएफ विधायक अमीनुल इस्लाम ने मंगलादाई में राष्ट्रीय बजरंग दल के शिविर के दौरान कथित तौर पर हथियारों के प्रशिक्षण का मुद्दा उठाया था। इसके जवाब में हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि पुलिस ने पहले ही इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई की गयी, लेकिन प्रशिक्षण शिविर में हथियारों के इस्तेमाल का कोई सबूत नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास हथियारों के इस्तेमाल का कोई प्रमाण नहीं है। प्रशिक्षण में एयरगन का इस्तेमाल किया गया। यदि एआईयूडीएफ के पास कोई ऐसा सबूत है तो वह पुलिस को सौंप सकता है तथा उचित कार्रवाई की जाएगी।’’
बजरंग दल का बीजेपी और आरएसएस से कई नाता नहीं-विश्व शर्मा
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय बजरंग दल का भारतीय जनता पार्टी या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से कोई नाता नहीं है तथा वह एक स्वतंत्र संगठन है। शर्मा ने राज्य में अलकायदा द्वारा अपना नेटवर्क फैलाने की कोशिश किये जाने के मुद्दे की तरफ भी सदन का ध्यान खींचा। उन्होंने कहा, ‘‘‘अलकायदा इन इंडियन सबकंटिनेंट’ की पांच टोलियों का पर्दाफाश किया गया है तथा इन गतिविधियों से संबद्ध चार बांग्लादेशी अब भी फरार हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सदन को साथ आना चाहिए तथा नकारात्मक शक्ति को धार्मिक कट्टरपंथ नहीं फैलाने देना चाहिए।’’ (इनपुट-भाषा)