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यूपी कैबिनेट में 'लव जिहाद' पर अध्यादेश पास, दोषी पाए जाने पर होगी जेल

Written by: IndiaTV Hindi Desk Published : Nov 24, 2020 06:42 pm IST, Updated : Nov 24, 2020 10:26 pm IST

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 'लव जिहाद' को लेकर एक बड़े फैसले में अध्यादेश को मंजूरी दे दी है।

Yogi Government passes bill on Love jihad- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO/PTI Yogi Government passes bill on Love jihad

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 'लव जिहाद' को लेकर एक बड़े फैसले में अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। 'लव जिहाद' के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए यूपी कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने लव जिहाद को लेकर सख्त कानून बनाया है जिसके तहत 'लव जिहाद' के मामलों में दोषी पाए जाने पर जेल की हवा खानी पड़ सकती है।

अधिकतम 10 वर्ष कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान

उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने तथाकथित 'लव जिहाद' की घटनाओं को रोकने के लिए मंगलवार (24 नवंबर) को एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी। इसके तहत विवाह के लिए छल, कपट, प्रलोभन या बलपूर्वक धर्मांतरण कराए जाने पर अधिकतम 10 वर्ष कारावास और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। राज्य सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में 'उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020' को मंजूरी दे दी गई। उन्होंने बताया कि इस अध्यादेश के तहत ऐसे धर्म परिवर्तन को अपराध की श्रेणी में लाया जाएगा जो छल, कपट, प्रलोभन, बलपूर्वक या गलत तरीके से प्रभाव डालकर विवाह या किसी कपट रीति से एक धर्म से दूसरे धर्म में लाने के लिए किया जा रहा हो। उन्होंने बताया कि इसे गैर जमानती संज्ञेय अपराध की श्रेणी में रखने और उससे संबंधित मुकदमे को प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की न्यायालय में विचारणीय बनाए जाने का प्रावधान किया जा रहा है। 

सामाजिक संगठनों का पंजीकरण होगा रद्द
सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में संबंधित सामाजिक संगठनों का पंजीकरण रद्द कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोई धर्मांतरण छल, कपट, जबरन या विवाह के जरिए नहीं किया गया है, इसके सबूत देने की जिम्मेदारी धर्म परिवर्तन कराने वाले तथा करने वाले व्यक्ति पर होगी। उन्होंने बताया कि अध्यादेश का उल्लंघन करने पर कम से कम एक साल और अधिकतम पांच साल कैद तथा 15000 रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है, जबकि नाबालिग लड़की, अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की महिला के मामले में यह सजा तीन साल से 10 वर्ष तक की कैद और 25000 रुपये जुर्माने की होगी। इसके अलावा सामूहिक धर्म परिवर्तन के संबंध में अधिकतम 10 साल की कैद और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है। 

सीएम योगी ने पिछले दिनों लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने का किया था ऐलान 
प्रवक्ता ने बताया कि अध्यादेश में धर्म परिवर्तन के इच्छुक लोगों को जिला अधिकारी के सामने एक निर्धारित प्रोफार्मा पर दो माह पहले इसकी सूचना देनी होगी। इजाजत मिलने पर वे धर्म परिवर्तन कर सकेंगे। इसका उल्लंघन करने पर छह माह से तीन साल तक की कैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा तय की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले दिनों कथित लव जिहाद के खिलाफ कानून बनाने का ऐलान किया था। उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने कानून विभाग को 'लव जिहाद' के खिलाफ सख्त कानून लाने का प्रस्ताव हाल में भेजा था। कड़े कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए कानून मंत्री बृजेश पाठक ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा था, 'राज्य में ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है, जो सामाजिक शर्मिंदगी और दुश्मनी का कारण बने हैं। इन मामलों से माहौल खराब हो रहा है इसलिए एक सख्त कानून समय की जरूरत है।' पिछले महीने जौनपुर और देवरिया में हुए उपचुनावों के लिए रैलियों को संबोधित करते हुए योगी ने कहा था कि उनकी सरकार 'लव जिहाद' से निपटने के लिए एक कानून लेकर आएगी।

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