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Mauni Amavasya 2021: मौनी अमावस्या पर 30 लाख लोगों ने लगाई गंगा में डुबकी, हुई पुष्प वर्षा

मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को यहां करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई और जिला प्रशासन ने हेलीकाप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की। मेला अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि शाम छह बजे तक 30 लाख लोगों ने गंगा और संगम में स्नान किया। 

IndiaTV Hindi Desk IndiaTV Hindi Desk
Published on: February 11, 2021 22:30 IST
mauni amavasya 2021 on 11 february 30 lakh devotees take holy dip- India TV Hindi
Image Source : PTI मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को यहां करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई।

प्रयागराज: मौनी अमावस्या पर बृहस्पतिवार को यहां करीब 30 लाख श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई और जिला प्रशासन ने हेलीकाप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की। मेला अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि शाम छह बजे तक 30 लाख लोगों ने गंगा और संगम में स्नान किया। माघ मेले के तृतीय स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर स्नान का विशेष महत्व होने के चलते भोर से ही श्रद्धालुओं का हुजूम गंगा तट पर उमड़ पड़ा। उन्होंने बताया, ‘‘मौनी अमावस्या पर भारी भीड़ के मद्देनजर आठ स्नान घाट बनाए गए थे। इसके अलावा, सभी घाटों पर पर्याप्त सर्कुलेटिंग एरिया की व्यवस्था की गई थी जिसमें संगम नोज पर लगभग 650 फुट और अन्य सभी घाटों पर औसतन 300 फुट चौड़े सर्कुलेटिंग एरिया बनाए गए थे।’’

उन्होंने बताया कि मौनी अमावस्या पर मेला प्रशासन की ओर से हेलीकाप्टर से श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा करायी गयी । मेला प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा, ‘‘प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्परता के साथ इस पर्व को संपन्न कराया। मैं मुख्यमंत्री की व्यवस्था को लेकर प्रसन्नता व्यक्त करता हूं।’’ इस अवसर पर सतुआ बाबा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और साधु संतों पर पुष्पवर्षा कराके यह संदेश दिया है कि आध्यात्म के साथ ही व्यक्ति भारत में राजसत्ता, धर्मसत्ता और आश्रम सत्ता को चला सकता है। इससे पूरे माघ मेले में एक उत्साह का माहौल है। 

स्वामी अधोक्षजानंद ने बताया कि तीर्थों के राजा तीर्थराज प्रयाग में दान पुण्य का विशेष महत्व है और मौनी अमावस्या के दिन गंगा स्नान, दान पुण्य, अनुष्ठान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। इससे लोगों को परलोक में भी सम्मान मिलता है। यही कारण है कि सनातन धर्म का हर व्यक्ति इस दिन गंगा स्नान करना चाहता है।

बता दें कि इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी संगम में डुबकी लगाई। प्रियंका यहां माघ मेले में भी हिस्सा ले रही हैं। सूत्रों ने बताया कि उनकी प्रयागराज यात्रा के दौरान किसी राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया है। वो शाम को दिल्ली वापस आ जाएंगी। उन्होंने बताया कि दिल्ली लौटने से पहले वह आनंद भवन भी जायेंगी। आनंद भवन नेहरू परिवार का पूर्व में निवास स्थान था, अब वह एक संग्राहलय के रूप में बदल चुका है। प्रियंका गांधी बुधवार को सहारनपुर में थीं, जहां उन्होंने किसान सभा को संबोधित किया था।

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