नई दिल्ली: योगी सरकार ने मुज़फ्फरनगर दंगे के बीस और मुकदमे वापस लेने की मंजूरी दे दी है। इन बीस मुकदमों को मिलाकर योगी सरकार अब तक चौहत्तर केस वापस लेने का फैसला कर चुकी है। सरकार की तरफ से जिन केस को वापस लेने की मंजूरी दी गई है, वो केस पुलिस और पब्लिक की तरफ से दर्ज कराए गए थे।
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ये सभी केस आगजनी, लूट, डकैती के हैं। मुज़फ्फरनगर में 2013 में हुए साम्प्रदायिक दंगे में 65 लोगों की मौत हो गयी थी और हजारों लोगों को रिलीफ कैम्प में रहना पड़ा था। मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर 502 मुकदमे दर्ज किये गए थे जिसमें करीब सात हज़ार लोग आरोपी बनाए गए।
इस कदम के बाद विपक्ष ने योगी सरकार पर हमला बोल दिया है। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि बीजेपी का काम ही दंगा कराना है और जिन लोगों से केस वापस लिए जा रहे हैं बाद में इन्हीं से दंगा कराया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के आरोपों का जवाब यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने दिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी ने तुष्टिकरण की नीति की वजह से लोगों पर फर्जी मुकदमे करवा दिए थो जिसे अब सरकार अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर वापस ले रही है।