1. Hindi News
  2. जम्मू और कश्मीर
  3. जम्मू कश्मीर: चसोती गांव पहुंचे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, बादल फटने से हुए नुकसान का लिया जायजा

जम्मू कश्मीर: चसोती गांव पहुंचे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, बादल फटने से हुए नुकसान का लिया जायजा

 Reported By: Manzoor Mir, Edited By: Shakti Singh
 Published : Aug 16, 2025 11:40 am IST,  Updated : Aug 16, 2025 11:40 am IST

उमर अब्दुल्ला ने पूरे इलाके का मुआयना किया और बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लिया। यहां कम से कम 60 लोगों की मौत हुई है और 100 से ज्यादा घायल हुए हैं।

Omar Abdullah- India TV Hindi
चिशोती में सीएम उमर अब्दुल्ला Image Source : REPORTER INPUT

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शनिवार को किश्तवाड़ जिले के चसोती गांव पहुंचे। उन्होंने यहां बादल फटने से आई अचानक बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया। इस बाढ़ में कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई और 100 से ज्यादा घायल हो गए। चसोती गांव में अभी भी बचाव और राहत अभियान चल रहा है। यहां 75 लोगों के लापता होने की सूचना उनके परिवारों ने दी है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि सैकड़ों लोग अचानक आई बाढ़ में बह गए होंगे और विशाल पत्थरों, लकड़ी के लट्ठों और मलबे के नीचे दब गए होंगे।

शुक्रवार शाम किश्तवाड़ पहुंचे मुख्यमंत्री शनिवार तड़के सड़क मार्ग से चसोती के लिए रवाना हुए। उनके साथ उनके राजनीतिक सलाहकार नासिर असलम वानी भी थे। राहत और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने घटनास्थल पर अब्दुल्ला को चल रहे अभियान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री को अचानक आई बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए एक वर्चुअल रियलिटी हेडसेट भी दिया गया।

14 अगस्त को हुआ हादसा

मचैल माता मंदिर जाने वाले रास्ते में आखिरी मोटर-योग्य गांव चसोती में 14 अगस्त को दोपहर लगभग 12:25 बजे त्रासदी आई। इसने एक अस्थायी बाजार, तीर्थयात्रियों के लिए एक सामुदायिक रसोईघर और एक सुरक्षा चौकी को तहस-नहस कर दिया। कम से कम 16 घर और सरकारी इमारतें, तीन मंदिर, चार पानी से चलने वाली चक्कियां, एक 30 मीटर लंबा पुल और एक दर्जन से ज्यादा वाहन भी अचानक आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गए।

मचैल माता यात्रा तीसरे दिन भी स्थगित

25 जुलाई से शुरू होकर 5 सितंबर को समाप्त होने वाली वार्षिक मचैल माता यात्रा इस तबाही के चलते शनिवार को लगातार तीसरे दिन स्थगित रही। 9,500 फुट ऊंचे इस मंदिर तक 8.5 किलोमीटर की यात्रा किश्तवाड़ शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर चसोती से शुरू होती है।

पीड़ितों ने बयां किया खौफनाक मंजर

किश्तवाड़ में अचानक आई बाढ़ के शिकार हुए एक व्यक्ति ने बचाए जाने के बाद कहा कि अचानक बम फटने जैसी आवाज आई और सब चिल्लाने लगे, 'भागो, भागो।' जैसे ही मैं भागने लगा, मलबे में फंस गया और एक बिजली का खंभा मेरे ऊपर गिर गया। इसके बाद मैंने अपनी बेटी को आवाज़ लगाई और उसने मुझे वहां से निकाला। एक अन्य पीड़ित ने बताया कि अचानक एक धमाके जैसी आवाज आई और बादल फटने के बाद, हम वहां से निकलने लगे, लेकिन 2 मिनट के अंदर ही वहां 4 फीट मलबा आ गया। हम कुछ लोगों को बचा पाए, लेकिन कुछ लोग फंस गए। हम 11 लोग थे। हम सुरक्षित हैं, लेकिन मेरी बेटी और मेरी पत्नी मलबे में फंस गए थे और अब उनकी हालत स्थिर है।

 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। जम्मू और कश्मीर से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।