जम्मू कश्मीर के कटरा में भारी बारिश से खासा नुकसान हुआ है। हिमकोटि में माता वैष्णो देवी ट्रैक पर भूस्खलन के चलते यात्रा प्रभावित हुई है। नया रास्ता बंद कर दिया गया है। हालांकि, श्रद्धालु अभी भी पुराने रास्ते से यात्रा कर रहे हैं। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु बारिश के बीच पानी भरे रास्ते पर चलते दिखाई दे रहे हैं। वहीं, चेनाब नदी भी भारी बारिश के चलते उफान पर है। डोडा में कुछ लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, अब तक प्रशासन की तरफ से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ, डोडा और कठुआ जिले के कई इलाकों में बादल फटने के चलते भारी बारिश हुई थी, जिसमें दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने बताया कि अचानक आई बाढ़ में फंसे चार लोगों को बचाव दलों ने सुरक्षित निकाल लिया।
मवेशी चरा रहे बच्चे डूबे
राजौरी के कालाकोट उपमंडल के सियालसुई मौ गांव में एक नदी में अचानक आई बाढ़ के कारण शकफत अली (14) और उसकी चचेरी बहन सफीना कौसर (11) डूब गए। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ में फंसी साइमा (10) को स्थानीय स्वयंसेवकों ने बचा लिया और अस्पताल में भर्ती कराया। बच्चे मवेशी चरा रहे थे, तभी बादल फटने के कारण आई बाढ़ में वे बह गए। बच्चों के शवों को बरामद कर अंतिम संस्कार के लिए उनके परिजनों को सौंप दिया गया। दुनाडी गांव निवासी बशारत हुसैन (32) का शव राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की एक बचाव टीम ने डोडा में लोपा नदी से निकाला। 23 जून को नदी में नहाते समय हुसैन डूब गया था।
एसडीआरएफ ने लोगों को बचाया
एसडीआरएफ ने बलदेव राज (35) और सुशील कुमार (25) को कठुआ के नागरी ब्लॉक में जरमल गांव के पास उफनती उझ नदी से बचाया। ये लोग मछली पकड़ने गए थे और जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण वहीं फंस गए। एसडीआरएफ ने पुंछ में एक व्यक्ति को उफनते नाले से बचाया। बादल फटने के कारण पुंछ के काजी मोरा व डोडा, उधमपुर व रामबन जिलों के विभिन्न ऊंचाई वाले इलाकों में भी बाढ़ की खबरें हैं, लेकिन किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। राजौरी और डोडा समेत विभिन्न जिलों में प्रशासन ने नदियों, नालों, झरनों के पास तैरने, नहाने, मछली पकड़ने तथा घूमने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।
(जम्मू कश्मीर से राही कपूर की रिपोर्ट)