श्रीनगर: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मंगलसूत्र' संबंधी टिप्पणी को लेकर उन पर तीखा हमला बोला। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि 'हमारा धर्म हमें दूसरे धर्मों को कमतर आंकना नहीं सिखाता और एक मुस्लिम, हिन्दू महिलाओं का मंगलसूत्र कभी नहीं छीन सकता।' उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे प्रधानमंत्री ने ऐसी बात कही। हमारा धर्म इस्लाम हमें सभी के साथ समान व्यवहार करने के लिए कहता है। हमारा धर्म हमें दूसरे धर्मों को कमतर आंकना नहीं सिखाता।’
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‘कोई मुसलमान किसी हिंदू मां या बहन का मंगलसूत्र नहीं छीन सकता’
अब्दुल्ला ने कहा, ‘इस्लाम हमें अन्य धर्मों का ठीक उसी प्रकार सम्मान करने के लिए कहता है जैसे हम अपनी आस्था का सम्मान करते हैं। ऐसा कभी नहीं होगा कि कोई मुसलमान किसी (हिंदू) मां या बहन का मंगलसूत्र छीन ले। (अगर कोई ऐसा करता है) तो वह मुसलमान नहीं है। वह इस्लाम को नहीं समझता है। इस्लाम मुझे सिखाता है कि यदि आप एक व्यक्ति को मारते हैं, तो ध्यान रखें, आपने मानवता को मार डाला है। मैं भी एक मुस्लिम हूं और कुरान मुझे हिंदुओं से नफरत करना नहीं सिखाता है। मैं हिंदुओं से उतना ही प्यार करता हूं जितना सिखों और मुसलमानों से करता हूं।’
‘मुझे नहीं पता कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव कब होंगे’
जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर अब्दुल्ला ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि चुनाव कब होंगे। सज्जाद गनी लोन के नेतृत्व वाली पीपुल्स कॉन्फ्रेंस और अल्ताफ बुखारी के नेतृत्व वाली अपनी पार्टी के बीच गठबंधन पर अब्दुल्ला ने उनसे BJP को मौन समर्थन देने से पहले मुसलमानों के प्रति भाजपा के रवैये पर विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘मैं गुलाम नबी आजाद, सज्जाद लोन और अल्ताफ बुखारी से अपील करना चाहता हूं कि उन्हें BJP के मुसलमानों के प्रति रवैये को देखना चाहिए जिनके लिए वे यहां खड़े हैं।’
बांसवाड़ा की चुनावी रैली में पीएम नरेंद्र मोदी ने कही थी ये बात
बता दें कि रविवार को राजस्थान के बांसवाड़ा में एक रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने दावा किया था, ‘कांग्रेस के घोषणापत्र में कहा गया है कि वे माताओं और बहनों के सोने का हिसाब लेंगे और फिर उस संपत्ति को वितरित करेंगे। वे इसे किसको वितरित करेंगे? मनमोहन सिंह की सरकार ने कहा था कि देश की संपत्ति पर अधिकार सबसे पहले मुसलमानों का है।’ बता दें कि पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्ष ने देश की सियासत में हिंदू और मुसलमान के मुद्दे को लाने का आरोप भी लगाया है।