जम्मू: दिल्ली के लाल क़िले के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद जम्मू संभाग के सीमावर्ती जिला राजौरी में सुरक्षा एजेंसियों ने सख्ती बढ़ा दी है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जिले के विभिन्न हिस्सों से कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। इन में कई पुराने ओवर ग्राउंड वर्कर (OGW) शामिल बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे लोग भी हैं जिनके परिजन या रिश्तेदार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में बैठकर आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सूत्रों के मुताबिक, बीते दिन राजौरी की डांगरी जेल में भी अधिकारियों द्वारा एक औचक निरीक्षण किया गया, जहां आतंकी मामलों में बंद कुछ कैदियों से पूछताछ की गई। यह जांच दिल्ली धमाके के बाद सुरक्षा सतर्कता के तहत की गई बताई जा रही है।
आतंक विरोधी अभियान जारी
सुरक्षा सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि राजौरी और पुंछ जिलों में आतंक विरोधी अभियान लगातार जारी हैं। दिल्ली हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में विशेष रूप से सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा और नाकाबंदी बढ़ा दी गई है। पुलिस और सुरक्षा बल हर संदिग्ध गतिविधि पर नज़र रखे हुए हैं।
आतंकियों और उनके समर्थकों के खिलाफ सख्ती
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है और हमारा रूटीन अभ्यास भी है। आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ सख्त कदम जारी रहेंगे।”
कई लोगों को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत पकड़ा गया
सूत्रों का कहना है कि राजौरी और पुंछ में अभी भी कुछ ऐसे परिवार हैं जिनके सदस्य पाकिस्तान में रहकर आतंकी नेटवर्क से जुड़े हैं, जिनमें से कई को प्रिवेंटिव डिटेंशन के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इनकी संख्या 12 से 15 के बीच बताई जा रही है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं, ताकि किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।
रिपोर्ट-राही कपूर, जम्मू