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कश्मीर में भीषण गर्मी का कहर, 134 सालों का टूटा रिकॉर्ड, सभी स्कूल किए गए बंद

 Reported By: Manzoor Mir Edited By: Malaika Imam
 Published : Jun 24, 2025 04:05 pm IST,  Updated : Jun 24, 2025 04:18 pm IST

कश्मीर में गर्मी ने पिछले 134 सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इसकी वजह से पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून से 7 जुलाई तक सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

कश्मीर में पड़ रही भीषण गर्मी - India TV Hindi
कश्मीर में पड़ रही भीषण गर्मी

कश्मीर घाटी में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है, जिसने पिछले 134 सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हाल ही में श्रीनगर में 35 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो पिछले 20 सालों में सबसे अधिक है। चौंकाने वाली बात यह है कि रात का तापमान भी 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो 134 सालों में सबसे ज्यादा है। इस अभूतपूर्व स्थिति की वजह से पूरे केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून से 7 जुलाई तक सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं।

प्रशासन को मौजूदा हीटवेव की स्थिति के कारण कश्मीर संभाग के सभी स्कूलों को बंद करने की घोषणा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। जून और जुलाई के महीनों में भी गर्मी और उमस जारी रहने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस स्थिति को एक गंभीर मौसमी घटना के रूप में वर्गीकृत किया है, जहां तापमान सामान्य से 5-8 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग का सीधा परिणाम है।

इस असाधारण गर्मी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं-

  • कश्मीर विश्वविद्यालय की ओर से 2024 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, 1980 के बाद से कश्मीर में 1.5 डिग्री सेल्सियस क्षेत्रीय तापमान वृद्धि दर्ज की गई है।
  • श्रीनगर में बढ़ते कंक्रीटीकरण ने शहरी ताप द्वीपों को जन्म दिया है, जहां इमारतें गर्मी को अधिक अवशोषित करती हैं।
  • उपग्रह डेटा के अनुसार, श्रीनगर शहर में हरित आवरण 2000 से 2025 तक 12% कम हुआ है।
  • पीर पंजाल रेंज में 2010 से कश्मीर में वन आवरण में 15% की कमी आई है, जिससे शीतलन प्रभाव और नमी प्रतिधारण कम हो गया है।
  • जम्मू-कश्मीर में पिछले 10 सालों में बर्फ के आवरण में 18% की कमी दर्ज की गई है, जिससे अधिक गर्मी अवशोषण हो रहा है।
  • इस साल कश्मीर में बारिश में भी बड़ी कमी देखी गई है, खासकर सर्दियों में। जून में 83% की कमी हुई, जिससे कुल बारिश में 26% की कमी दर्ज की गई है।

प्रशासन ने बाहरी गतिविधियों से बचने की दी सलाह

इस भीषण गर्मी ने घाटी में दैनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अधिकारियों और प्रशासन ने लोगों को बढ़ती गर्मी की स्थिति के कारण बाहरी गतिविधियों से बचने की सलाह दी है। छात्रों और बच्चों को घर के अंदर रहने की हिदायत दी गई है। वहीं, किसानों को अगले कुछ दिनों के लिए खेती की गतिविधियों को स्थगित करने की सलाह दी गई है।

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