झारखंड के खूंटी जिले में साल 2007 में हुए चार साल के बच्चे का अपहरण और हत्या मामले का मुख्य आरोपी को पुलिस ने 18 साल बाद गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। वहीं, अन्य आपराधिक मामलों पर कार्रवाई के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्र से कुल 6 आरोपियों को हथियार एवं कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी का नाम शिशुपाल सिंह है।
तोरपा का रहने वाला है आरोपी
यह मामला तोरपा थाने में 5 मार्च 2007 को दर्ज कांड संख्या 10/07 से जुड़ा है। शिशुपाल को पुलिस ने रांची जिले के पुंदाग टीओपी क्षेत्र से गुप्त सूचना के आधार पर दबोचा है। शिशुपाल सिंह मूल रूप से तोरपा का रहने वाला है। घटना को अंजाम देने के बाद वह पूरे परिवार के साथ पहचान छिपाकर पुंदाग ओपी क्षेत्र में रह रहा था।
18 साल से फरार था आरोपी शिशुपाल सिंह
इस कांड में शामिल अन्य आरोपियों बलदेव महतो, वाल्टर डाहंगा, बीरू सिंह और जावेद खान को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि शिशुपाल सिंह पिछले 18 सालों से फरार था। यह घटना 4 मार्च 2007 की है। अपराधियों का मकसद दामोदर मास्टर के बेटे का फिरौती के लिए अपहरण करना था, लेकिन जब वे घटना स्थल पर पहुंचे तो वहां दो बच्चे खेल रहे थे। एक दामोदर मास्टर का बेटा और दूसरा चंद्रशेखर जायसवाल का चार वर्षीय बेटा निशांत जायसवाल था।
गलती से कर लिया था अपहरण
अपराधियों ने गलती से निशांत जायसवाल का अपहरण कर लिया। उस वक्त परिजनों ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। 5 मार्च को तोरपा नगर भवन के पीछे से निशांत जायसवाल का शव बरामद हुआ था। चार चाल के मासूम बच्चे को गला दबाकर और माथे पर कील ठोंक कर बेरहमी से हत्या कर झाड़ी में फेंक दिया था।
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा
मामले में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी उसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ लेकिन इस अपहरण और हत्या मामले का मुख्य आरोपी के गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। इस जघण्य हत्याकांड मामले की फाइल बंद हो गया लेकिन अचानक तोरपा थाना प्रभारी मुकेश कुमार हेम्ब्रम ने फाइल ओपन कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान केस संख्या 10/07 का मुख्य आरोपी फरार पाया। उसके बाद थाना प्रभारी मुकेस हेम्ब्रम ने एएसआई आनंद कुमार पंडित और सजीव कुमार सिंह को पूरे मामले की जांच का जिम्मा दिया जांचोपरांत टीम ने मुख्य आरोपी को 18 साल बाद गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की।
अलग-अलग मामलों में कुल 6 लोग गिरफ्तार
वहीं, अन्य मामलों की जांच के दौरान खूंटी पुलिस ने लूटकांड, हत्या और आर्म्स एक्ट के अलग-अलग मामलों में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तोरपा अनुमंडल के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से 24 वर्षीय मंगू लोहरा, 22 वर्षीय बिरसा लोहरा, 30 वर्षीय राउतु लोहरा, 19 वर्षीय भैरो लोहरा शामिल हैं।
पुलिस ने जब्त किया ये सामान
वहीं, हत्या मामले में तोरपा थाना क्षेत्र से स्थाई वारंटी शिशुपाल सिंह तथा तीसरे मामले में रनियां थाना क्षेत्र के तोकेन भीमाटोली निवासी 35 वर्षीय मंगल केरकेट्टा को आर्म्स एक्ट मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार चार आरोपियों के पास से 37500 रुपए नगद, लूटा गया एक मोबाइल समेत 3 मोबाइल जब्त किया। वहीं, दूसरे मामले में एक देशी कट्टा, दस गोली और 2 मैगजीन चार्जर जब्त किया है।
3 लाख रुपये की लूट
एसपी मनीष टोप्पो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पूरे मामले का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 9 जुलाई 2025 को कर्रा थाना क्षेत्र के चेरवादाग गांव के समीप पिकअप वाहन को रोककर लगभग तीन लाख रुपए लूटे गए थे। लूट मामले में कर्रा थाना में मामला दर्ज कराया गया था। मामले के खुलासे के लिए एएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया था। टीम ने तत्परता से कार्रवाई कर लूटकांड मामले में चार आरोपियों को बुंडू और मारंगहादा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
नाम बदलकर चला रहा था राशन की दुकान
वहीं, तोरपा थाना क्षेत्र में 18 साल पहले अपहरण एवं हत्या मामले में दर्ज केस के खिलाफ पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे शिशुपाल सिंह को गिरफ्तार किया। शिशुपाल सिंह कटहल मोड में अपना नाम बदलकर राशन की दुकान चलाता था। वह साल 2007 में एक चार वर्षीय बच्चे का अपहरण कर फिरौती की मांग की थी। इस मामले में 5 मार्च 2007 को तोरपा थाना में कांड दर्ज कराया गया था। तीसरे मामले में रनियां थाना क्षेत्र के तोकेन भीमा टोली निवासी मंगल केरकेट्टा को एक अवैध देशी कट्टा, मैगजीन चार्जर और दस गोलियों के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने कई ठिकानों पर की छापेमारी
तीन अलग-अलग मामलों के लिए बने छापामारी टीम में तोरपा एएसपी क्रिस्टोफर केरकेट्टा, अंचल निरीक्षक जेवियर बाड़ा, रनिया थाना प्रभारी विकास कुमार जायसवाल, टीनू कुमार, अमरजीत सिंकु, डोमन टुडू, अशोक कुमार और रनियां थाना सशस्त्र बल शामिल थे। जबकि अन्य मामले में तोरपा थाना प्रभारी मुकेश कुमार हेमरोम, आनंद कुमार, संजीव कुमार सिंह और तोरपा रिजर्व गार्ड के सशस्त्र बल शामिल थे।
(सोनू अंसारी की रिपोर्ट)