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सरायकेला-खरसावां मॉब लिंचिंग मामला, जांच के लिए अल्पसंख्यक आयोग ने उठाया कदम

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jan 12, 2025 02:50 pm IST,  Updated : Jan 12, 2025 02:50 pm IST

पिछले साल दिसंबर में झारखंड के सरायकेला-खरसावां में एक व्यक्ति की कथित तौर पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के लिए राज्य के अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान की अध्यक्षता में चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : REPRESENTATIVE IMAGE

झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में दिसंबर 2024 में एक शख्स की कथित तौर पर भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या (मॉब लिंचिंग) के मामले में राज्य के अल्पसंख्यक आयोग ने जांच शुरू कर दी है। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया है, जिसकी अध्यक्षता अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान करेंगे।

क्या था मामला?

मामला आदित्यपुर थानांतर्गत सपरा क्षेत्र का है, जहां 8 दिसंबर को अज्ञात व्यक्तियों के एक समूह ने शेख ताजुद्दीन को बेरहमी से पीट-पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। ताजुद्दीन की अस्पताल में इलाज के दौरान बाद में मौत हो गई। इस घटना के बाद झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लिया और 26 दिसंबर को सरायकेला-खरसावां जिले के पुलिस अधीक्षक से कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अब तक कोई उत्तर नहीं मिला था।

न्यायिक जांच की मांग हुई थी

अखिल भारतीय अल्पसंख्यक कल्याण मोर्चा के प्रवक्ता सरफराज हुसैन ने इस मामले की न्यायिक जांच की मांग की थी, जिसके बाद आयोग ने मामले का संज्ञान लिया और जांच टीम का गठन किया। हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि उनकी टीम सोमवार को मृतक के परिवार से मिलने के लिए कपाली का दौरा करेगी और घटना से जुड़ी जानकारी प्राप्त करेगी। इसके अलावा, टीम जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कपाली टाउन काउंसिल सभागार में बैठक करेगी, ताकि मामले की कार्रवाई रिपोर्ट प्राप्त की जा सके।

पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुनायत ने पहले यह जानकारी दी थी कि इस मामले की जांच उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (सरायकेला) को सौंप दी गई थी और रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया था। हालांकि, चार आरोपियों ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। झारखंड अल्पसंख्यक आयोग ने कहा है कि वह इस मामले की निष्पक्ष और प्रभावी जांच के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। (भाषा इनपुट के साथ)

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