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शिल्पा शेट्टी का बॉल वर्कआउट, फैंस को दिया चैलेंज, बताया दिमाग के लिए कितनी फायदेमंद है ये एक्सरसाइज

 Written By: Bharti Singh
 Published : Oct 27, 2026 12:43 pm IST,  Updated : Oct 27, 2026 12:43 pm IST

फिटनेस को लेकर चर्चा में रहने वाली शिल्पा शेट्टी इन दिनों बॉल एक्सरसाइज कर रही हैं और अपने फैंस को भी चैलेंज दे रही हैं। बॉल से एक्सरसाइज करना मजेदार तो है ही साथ ही इससे आपका कोऑर्डिनेशन भी बेहतर होता है।

शिल्पा शेट्टी- India TV Hindi
शिल्पा शेट्टी Image Source : INSTAGRAM

एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी की फिटनेस कमाल की है। इस उम्र में भी शिल्पा शेट्टी योग, जिम में वर्कआउट और कई बार दूसरी फिटनेस एक्टिविटी करती दिखती हैं। हाल ही में शिल्पा शेट्टी ने एक यूनिक बॉल वर्कआउट किया है। जिसमें वो अपने फैंस को इसे फॉलो करने और ट्राई करने का चैलेंज दे रही हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा है, 'एक सिंपल बॉल, एक इतना भी सिंपल चैलेंज नहीं। क्या आपको लगता है कि आप इसे कर सकती हैं?' वीडियो में 51 साल की शिल्पा गजब की फिट लग रही हैं। 

बॉल एक्सरसाइज के फायदे

बॉल से एक्सरसाइज करना वर्कआउट को और मज़ेदार बनाने के अलावा, बेहतरीन कोऑर्डिनेशन, ध्यान और दिमाग के साथ शरीर के बीच कनेक्शन को भी बेहतर बना सकता है। शिल्पा शेट्टी ने खुद इसके फायदों के बारे में बताते हुए लिखा है।

दिमाग को एक्टिव रखता है- बॉल-बेस्ड एक्टिविटीज़ में ध्यान, मूवमेंट प्लानिंग और मोटर कंट्रोल शामिल होता है, जिसके लिए दिमाग के अलग-अलग प्रोसेस को एक साथ काम करने की जरूरत होती है।

फोकस और ध्यान बेहतर होता है- बॉल की मूवमेंट को फॉलो करना और उस पर रिस्पॉन्ड करना, कॉन्संट्रेशन और रिएक्शन टाइम को चैलेंज कर सकता है।

हाथ-आंख का कोऑर्डिनेशन बेहतर होता है- बॉल को ट्रैक करने और पकड़ने से विज़ुअल जानकारी और फिजिकल मूवमेंट के बीच कोऑर्डिनेशन की प्रैक्टिस करने में मदद मिलती है।

मूवमेंट और सर्कुलेशन को बढ़ावा देता है- फिजिकल एक्टिविटी ब्लड फ्लो को बढ़ाती है और पूरी हेल्थ को सपोर्ट करती है।

कॉग्निटिव फ्लेक्सिबिलिटी को चुनौती- क्रॉस-बॉडी मूवमेंट और कोऑर्डिनेशन टास्क के लिए ब्रेन को बदलते मूवमेंट पैटर्न के हिसाब से ढलने और रिस्पॉन्ड करने की ज़रूरत हो सकती है।

मोटर कंट्रोल और बॉडी अवेयरनेस बढ़ाता है- बार-बार प्रैक्टिस करने से मूवमेंट की सटीकता और कोऑर्डिनेशन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

फिजिकल और मेंटल एंगेजमेंट को मिलाता है- बॉल एक्सरसाइज मूवमेंट, टाइमिंग और कॉन्संट्रेशन को एक साथ लाने का एक मज़ेदार तरीका है।

बॉल एक्सरसाइज और फिटनेस 

बॉल एक्सरसाइज को अलग-अलग फिटनेस लेवल के हिसाब से किया जा सकता है, इससे वर्कआउट में वैरायटी आती है। शुरुआत में इसे धीरे-धीरे करना शुरू करें। कंट्रोल्ड मूवमेंट पर ध्यान दें और जैसे-जैसे आपका कोऑर्डिनेशन बेहतर होता जाए इसमें चैलेंज लेकर आएं। हालांकि ऐसी एक्टिविटीज़ ध्यान और कोऑर्डिनेशन को चैलेंज कर सकती हैं, लेकिन मेमोरी और दूसरी कॉग्निटिव स्किल्स पर उनका असर एक्टिविटी और अलग-अलग व्यक्ति पर निर्भर करता है।

 

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