त्योहार पर सभी के घरों में मीठा बनता है। अगर आप मीठा खाने के शौकीन है और कुछ स्वादिष्ट बनाकर खाना चाहते हैं तो एक बार गुजरात के सूरत की फेमस घारी मिठाई बनाकर खाएं। ये मिठाई दुनिया में सिर्फ इसी एक जगह मिलती है। अगर आप सूरत के आस-पास कहीं रहते हैं तो ये मिठाई जरूर चखी होगी, लेकिन अगर आप देश के किसी दूसरे हिस्से में हैं तो इस रेसिपी को घर में बनाकर खा सकते हैं। घारी मिठाई खाने में बहुत ही मजेदार होती है। इसमें ड्राईफ्रूट, मावा, बेसन और मेदा के साथ घी का स्वाद मिलता है। फटाफट नोट कर लें सूरत की घारी मिठाई की रेसिप
सूरत की घारी मिठाई रेसिपी
पहला स्टेप- इसे बनाने के लिए सबसे पहले पैन में 3 चम्मच देसी घी डालें। अब इसमें 4 चम्मच दरदरा पिसा बेसन मिला दें। बेसन और घी को धीमी आंच पर हल्का खुशबू आने तक भून लें और इसे साइड में ठंडा होने के लिए रख दें।
दूसरा स्टेप- एक कड़ाही गैस पर रखें और 600 ग्राम मावा डालें। अब इसमें 1 कप बूरा या तगार चीनी डालें और अच्छी तरह से मिक्स कर दें। मावा पिघलने के बाद इसमें केसर, हरी इलायची का पाउडर, 400 ग्राम मेवा जिसमें काजू, बादाम, पिस्ता और चिरौंजी डाल दें। काजू बादाम और पिस्ता को बारीक काटकर मिलाएं।
तीसरा स्टेप- सारी चीजों को मिलाने के बाद गैस बंद कर दें। अब इसमें भुना बेसन मिला दें और मिश्रण को अच्छी तरह से मिक्स कर दें। अब इसे ठंडा होने के बाद हथेली से पेड़ा जैसा गोल या किसी छोटी कटोरी से बाटी जैसी शेप में बनाकर रखते जाएं।
चौथा स्टेप- अब एक बाउल में 2 कप मैदा और 1 चम्मच घी डालकर एकदम नरम आटा गूंथ लें। अब इसमें से छोटी-छोटी लोई लेकर पतला बेल लें। बेली हुई मैदा की पतली पूरियों में एक एक तैयार की गई मावा वाली बाटी रखें और इसे अच्छी तरह बंद कर दें। एक्स्ट्रा आटे को निकाल दें।
पांचवां स्टेप- आपने जो सारी बाटियां मैदा में फोल्ड करके रखी हैं अब उन्हें फ्राई करेंगे। इसके लिए कड़ाही में देसी घी डालें। तैयार बाटियों को एक फ्राई करने वाली छन्नी में रखें और घी को हाई फ्लेम पर गर्म कर लें। इसमें बाटियों को हल्का फ्राई करके तुरंत निकाल लें। इसी तरह सारी बाटियां फ्राई कर लें।
आखिरी स्टेप-अब ठंडी की गई फ्राई बाटियों को जमे हुए घी में एक तरफ से डुबाएं और इस पर घी चिपकने दें। ऊपर से पिस्ता लगाएं और इसे फ्रिज में रख दें। मिठाई को फ्रिज में रखने से इसके ऊपर जमा घी अच्छी तरह सेट हो जाता है। अब इसे सर्व करें। आप चाहें तो इन्हें बिना घी लगाए ऐसे भी खा सकते हैं।
एक बार इस मिठाई को खाएंगे तो यकीन मानिए कहेंगे कि इससे पहले ऐसा बेहतरीन स्वाद कभी नहीं चखा। घर आए मेहमान भी पूछेंगे कि ये मिठाई कहां से खरीदी है और कैसे बनाई है। करवाचौथ या दिवाली पर ये मिठाई बनाकर खा सकते हैं।
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इससे ज्यादा नरम पूरी पहले कभी नहीं खाई होंगी, एक बार बनाकर खाएं शकरकंद की पूरियां, नोट कर लें रेसिपी |