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ऐसे देशों में सबसे ज्यादा कैंसर होने का खतरा, रहें सतर्क

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Dec 08, 2016 03:40 pm IST,  Updated : Dec 08, 2016 03:41 pm IST

सर दुनिया में दिल के रोगों के बाद मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। लेकिन इस घातक बीमारी के विकसित होने और इससे मरने की वजह बिल्कुल अलग दिखाई देती है यह इस बात पर निर्भर करती है कि आप कहां रहते हैं।

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हेल्थ डेस्क:  कैंसर एक गंभीर बीमारी है। जिसके पता अगर शुरुआत में पता चल जाए तो आप इस समस्या से अपना बचाव कर सकते हैं। इसक कई ऐसे लक्षण होते हैं। अगर आप उनपर थोड़ा ध्यान दें तो आप इस जानलेवा बीमारी से बच सकते हैं। महिलाएं ही नहीं पुरुष भी अधिक मात्रा में इस समस्या से ग्रसित है। जो कि अपना ठीक ढंग से ध्यान न देने के कारण होता है।  एक रिसर्च की गई जिसमें ये बात सामने आई कि कम विकसित वाले देशों में सबसे ज्यादा कैंसर होने की संभावना है।

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वैश्विक स्तर पर साल 2005 से 2015 के बीच कैंसर के मामलों में 33 फीसद की वृद्धि हुई है, जबकि कम विकास वाले देशों में इसी अवधि के दौरान इसमें 50 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। यह ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज कोलाबोरेशन के अध्ययन में सामने आया है। इसके विपरीत उच्च विकास वाले देशों में कैंसर के 44 फीसदी नए मामले सामने आए हैं।

निष्कर्षो से पता चलता है कि साल 2015 में दुनिया भर में कैंसर के नए मामले 1.75 करोड़ रहे और 87 लाख लोगों की इससे मृत्यु हुई।

शोधकर्ताओं ने कहा कि हालांकि कैंसर दुनिया में दिल के रोगों के बाद मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। लेकिन इस घातक बीमारी के विकसित होने और इससे मरने की वजह बिल्कुल अलग दिखाई देती है यह इस बात पर निर्भर करती है कि आप कहां रहते हैं।

अमेरिका के वाशिंगटन विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर और प्रमुख लेखक क्रिस्टीना फिटमउरिस ने कहा, "कैंसर का प्रसार वास्तव में तेजी से हो रहा है।"

फिटमउरिस ने कहा, "कैंसर के नए मामलों की संख्या दुनिया में हर जगह बढ़ती जा रही है, यह उन्नत स्वास्थ्य प्रणालियों पर ज्यादा दवाब डाल रहा है। लेकिन इसका सबसे तेज और परेशान करने वाला प्रभाव कम विकसित दर्जे वाले देशों में देखा जा सकता है। जो इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते।"

अध्ययन के लिए दल ने कैंसर के 32 प्रकारों और 195 देशों के सामाजिक-जनसांख्यिकीय सूचकांक (एसडीआई) का विश्लेषण किया। एसडीआई में शिक्षा, आय और प्रजनन का संयुक्त अध्ययन किया जाता है।

शोधकर्ताओं ने पाया कि कैंसर के सभी प्रकारों में सबसे सामान्य प्रकार के कैंसर स्तन, श्वास नली, ब्रांकस और फेफड़े (टीबीएल) हैं। इसकी वजह से 12 लाख लोग की दुनिया भर में मौत होती है। इसके बाद बड़ी आंत, मलाशय कैंसर और पेट और जिगर के कैंसर आते हैं।

अध्ययन में पाया गया कि स्तन कैंसर से 523,000 मौतें 2015 में हुई। यह महिलाओं में होने वाला सामान्य कैंसर है।

अध्ययन के लेखकों का सुझाव है कि सरकारी एजेंसियों और निजी क्षेत्रों को रोकथाम के प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत है। इसे खास तौर पर निचले एसडीआई वाले देशों में किया जाना चाहिए जहां गर्भाशय ग्रीवा और जिगर कैंसर से ज्यादातर घातक मौतों की सूची में हैं।

अध्ययन का प्रकाशन पत्रिका 'जामा आंकोलॉजी' में किया गया है।

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