1. Hindi News
  2. लाइफस्टाइल
  3. हेल्थ
  4. कई सौ मीलो दूर नासा स्पेस स्टेशन पर कैंसर के इलाज के लिए की जा रही है रिसर्च, जानें सबकुछ

कई सौ मीलो दूर नासा स्पेस स्टेशन पर कैंसर के इलाज के लिए की जा रही है रिसर्च, जानें सबकुछ

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Aug 30, 2018 03:24 pm IST,  Updated : Aug 30, 2018 03:54 pm IST

नासा के मुताबिक वो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर कैंसर रिसर्च से जुड़ा एक ऐसा टेस्ट कर रहा है जिसमें इंसानी खून की कुछ खास कोशिकाओं के ऊपर एक्सपेरिमेंट किया जा रहा है।

Cancer research- India TV Hindi
Cancer research Image Source : TWITTER

हेल्थ डेस्क: पृथ्वी पर तमाम मेडिकल लैब कैंसर से निजात पाने के लिए जीतोड़ मेहनत कर रही हैं, लेकिन अब एक ऐसी रिसर्च हो रही है जो कि धरती पर नहीं बल्कि कई सौ मील दूर अंतरिक्ष में हो रही है। जी हां ये रिसर्च इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) में की जा रही है।

ब्लड सेल्स पर महीनों से चल रही है रिसर्च

नासा के मुताबिक वो इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर कैंसर रिसर्च से जुड़ा एक ऐसा टेस्ट कर रहा है जिसमें इंसानी खून की कुछ खास कोशिकाओं के ऊपर एक्सपेरिमेंट किया जा रहा है। ताकि कैंसर के इलाज को और भी बेहतर और कारगर बनाया जा सके। स्‍पेस में की जा रही इस कैंसर रिसर्च को लेकर नासा ने ISS का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें इस प्रोजेक्‍ट की मुख्‍य साइंटिस्‍ट 'सेरेना ऑनन चांसलर' कुछ प्रयोग करती नजर आ रही हैं। नासा के मुताबिक एस्ट्रोनॉट स्‍पेस स्‍टेशन में मौजूद माइक्रो ग्रेविटी इन्वायरमेंट में इस रिसर्च को अंजाम दे रहे हैं। (सिर्फ 10 रुपये में हर स्टेज का कैंसर खत्म करने का दावा, घर में ही मौजूद है ट्रिटमेंट )

कैंसर का बेस्‍ट इलाज खोजने के लिए नासा स्पेस स्‍टेशन में कर रहा है यह दमदार रिसर्च स्‍पेस स्‍टेशन में कैंसर रिसर्च।

Cancer research
Cancer research

माइक्रो ग्रेविटी इन्वायरमेंट ही टेस्‍ट के लिए है खास
नासा के मुताबिक सेरेना इसी साल की शुरुआत में स्पेस स्टेशन पर गई थीं। वह अगले कुछ महीने भी इस रिसर्च को करते हुए वहां बिताएंगी। इस दौरान वह खून में मौजूद एंडोथेलिकल कोशिकाओं पर टेस्ट कर रही है। नासा का कहना है कि Endothelial सेल्स स्‍पेस स्‍टेशन पर मौजूद माइक्रो ग्रेविटी इन्वायरमेंट में कुछ उसी तरह से व्यवहार करती हैं, जैसे कि वो धरती पर मौजूद किसी जीते-जागते शरीर की रक्त वाहिकाओं में काम कर रही हों। स्पेस डॉट कॉम का कहना है कि इस माइक्रो ग्रेविटी प्रभाव का असर यह है कि इसके कारण यह परखा जा सकता है कि कीमोथेरेपी का उन कोशिकाओं पर क्या नेचुरल असर हो रहा है। (कम उम्र के बच्चों में तेजी से फैल रहा है ब्लड कैंसर, जानें लक्षण और इलाज )

होगी एक कमाल की रिसर्च
नासा के मुताबिक माइक्रो ग्रेविटी में इस भारी भरकम कैंसर रिसर्च को करने के लिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर काफी सारे कंटेनर भेजे गए है। जिनमें एंडोथेलिकल सेल्‍स मौजूद हैं। बता दें कि इन सभी कोशिकाओं पर धरती पर अलग अलग लेवल की कीमोथेरेपी की जा चुकी है। इस रिसर्च के आधार पर कैंसर ट्रीटमेंट में सुधार के साथ ही भविष्य में मेडिकल रिसर्च के नए मॉडल की खोज भी हो सकती है।

(इनपुट पीटीआई)

Latest Health News

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Health से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें लाइफस्टाइल