दिल्ली की चिलचिलाती गर्मी और उमस भरे मौसम से अगर आप पूरी तरह परेशान हो चुके हैं, तो अब वक्त है कुछ दिनों के लिए पहाड़ों की ठंडी वादियों का रुख करने का। उत्तराखंड की गोद में बसा हरसिल एक ऐसा डेस्टिनेशन है, जहां पहुंचते ही आपको सर्दियों जैसा सुकून महसूस होगा।
क्यों खास है हरसिल?
हरसिल उत्तरकाशी जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत और कम भीड़भाड़ वाला हिल स्टेशन है। यहां का तापमान गर्मियों में भी काफी सुहावना रहता है, जिससे दिल्ली की तपती गर्मी से तुरंत राहत मिलती है। अगर आसपास ऊंचाई वाले इलाकों में जाएं, तो कई जगह बर्फ देखने का मौका भी मिल सकता है। इस बात का ध्यान रखें अगर आप गर्मियों में यहां जा रहे हैं तो ठंडे के कपड़े लेकर जाएं क्योंकि यहां का तापमान काफी कम होता है
हरसिल में क्या देखें?
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भागीरथी नदी: हरसिल की खूबसूरती का मुख्य आधार भागीरथी नदी है। इसके किनारे देवदार के घने जंगलों के बीच बैठना और नदी की कल-कल ध्वनि सुनना बहुत सुकून देने वाला अनुभव है।
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धराली गांव: हरसिल से मात्र 3 किमी दूर स्थित यह छोटा और सुंदर गांव है, जो अपने सेब के बागानों और हिमालय के मनोरम दृश्यों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ से बर्फ से ढकी चोटियां बहुत साफ दिखती हैं।
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मुखवा मंदिर: मुखवा मंदिर हर्षिल के पास मुखवा गाँव में स्थित है। यह मंदिर माँ गंगा का शीतकालीन निवास स्थान (माना जाता है, जहाँ सर्दियों में गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद माँ गंगा की मूर्ति स्थापित की जाती है।
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सत्तल: धराली से लगभग 3 किमी की चढ़ाई के बाद सत्तल पहुँचा जा सकता है। यह सात प्राकृतिक झीलों का एक सुंदर समूह है, जो चारों तरफ से जंगलों से घिरा हुआ है।
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गरतांग गली: अगर आप रोमांच पसंद करते हैं, तो यहाँ का ऐतिहासिक गरतांग गली ट्रेक देखें। यह कभी तिब्बत के साथ व्यापार का रास्ता हुआ करता था और अब इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है।
कैसे पहुंचे?
दिल्ली से हरसिल सड़क मार्ग से पहुंचा जा सकता है। पहले देहरादून या ऋषिकेश पहुंचें, फिर वहां से उत्तरकाशी होते हुए हरसिल जाया जा सकता है। आप बस के आलाव ट्रेन से भी हासिल पहुंच सकते हैं। सबसे पहले हरिद्वार पहुंचें और उसके बाद वहां से बस या कैब कर लें।