मध्य प्रदेश में एक बार फिर खाद का संकट गहरा गया है। खरीफ की फसल के दौरान यहां खाद की कमी के चलते कई जिलों के किसान सड़कों पर आ गए थे। अब फिर किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इस वजह से कई जगहों पर किसानों ने विरोध प्रदर्शन भी शुरू कर दिया है। किसान हाईवे जाम कर रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि खाद की कमी नहीं है, लेकिन खाद केंद्रों पर किसानों की लंबी लाइनें अलग ही कहानी बयां कर रही हैं।
आगर मालवा में खाद की किल्लत ने किसानों को सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया है। सुसनेर में किसानों का सब्र टूट गया और इंदौर–कोटा नेशनल हाइवे पर उन्होंने चक्का जाम कर दिया। काफी देर तक हाईवे पर वाहन चालकों में परेशानी का माहौल बना रहा।
पुलिस के समझाने पर माने किसान
आगर मालवा में किसान सोमवार सुबह से अपने दस्तावेजों के साथ खाद वितरण केंद्र पर लाइन में लगे हुए थे। शुरुआत में कुछ किसानों को खाद दी गई, लेकिन दोपहर होते-होते कर्मचारियों ने बताया कि खाद खत्म हो गई है और नई खेप देर से आएगी। यह सुनते ही किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और वे सीधे हाईवे पर पहुंचे और चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलते ही सुसनेर एसडीओपी देवनारायण यादव, थाना प्रभारी केसर राजपूत मय पुलिस बल के मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने किसानों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की। काफी देर बाद किसान माने और चक्काजाम हटाया।
पुलिस की मौजूदगी में शुरू हुआ वितरण
चक्काजाम हटने के बाद पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों को खाद का वितरण शुरू किया गया। किसानों का कहना है कि वे कई दिनों से सुबह-सुबह लाइन में लग रहे हैं, लेकिन हर दिन खाद उनके नंबर तक पहुंचने से पहले ही खत्म हो जाती है। रोजाना भूखे-प्यासे घंटों खड़े रहने के बाद भी खाद न मिलना उनकी सबसे बड़ी मजबूरी बन गया है।
देवास में एबी रोड पर चक्का जाम
देवास में किसानों ने खाद नहीं तो वोट नहीं के नारे के साथ एबी रोड पर चक्का जाम कर दिया। किसानों का आरोप है कि उन्हें भीषण यूरिया किल्लत के चलते परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सोमवार को देवास कृषि मंडी गेट के सामने एबीरोड रोड को हाईजैक कर लिया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान खूब हंगामा हुआ और हाईवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। यातायात पूरी तरह ठप हो गया। किसानों ने कहा, 'सुबह 4 बजे लाइन लगाओ, फिर भी खाली हाथ घर जाओ!' यह टोकन सिस्टम सिर्फ किसानों को बेवकूफ बनाने का एक ड्रामा है। हंगामा होने पर तहसीलदार, कृषि अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। बड़ी मुश्किल से तसल्ली देने के बाद किसानों को सड़क से हटाया गया।
धार में किसान महाकुंभ शुरू
धार के मुंबई आगरा नेशनल हाईवे पर खलघाट टोल गेट पर किसान महाकुंभ शुरू हो चुका है। किसानों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने महाकुंभ बुलवाया है। धार, बड़वानी, खरगोन के सैकड़ों किसानों का जमावड़ा लग गया है। किसानों के महाकुंभ को लेकर जिला प्रशासन व पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। सुरक्षा की दृष्टि से बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई है। वहीं, मुंबई आगरा राजमार्ग पर यातायात को डायवर्ट किया गया है।
महाकुंभ में किसानों की मुख्य मांगें
- मक्का सोयाबीन मुख्य फसल कपास को सरकारी खरीदी के पूर्व की योजना अनुसार खरीदा जाए
- संपूर्ण किसानों को ऋण मुक्त किया जाए एवं एस पी की गारंटी का कानून बनाया जाए
- आदि गुरु शंकराचार्य के संकल्प को पूर्ण किया जाए गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिया जाए
- केंद्र सरकार अपनी आयात निर्यात नीति देश के किस के हित में बनाएं दलहन कपास प्याज का निर्यात खोलें
(इनपुट- आगर मालवा से राम यादव, देवास से अरविंद चौकसे, धार से एकता शर्मा)
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