इंदौर के शासकीय महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय (MYH) में चूहों के हमले के बाद दो नवजात बच्चियों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद एमवायएच प्रशासन की जमकर आलोचना हो रही है। अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में एक्शन लिया है। एक निजी फर्म का कीट नियंत्रण का ठेका शुक्रवार को रद्द कर दिया।
उठाए जाएंगे नए कदम
एमवायएच प्रशासन ने यह घोषणा भी की कि अस्पताल में चूहों की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे। एमवायएच, शहर के शासकीय महात्मा गांधी स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध है।
निजी फर्म का ठेका किया गया रद्द
महाविद्यालय के अधिष्ठाता (डीन) डॉक्टर अरविंद घनघोरिया ने एक बयान में कहा कि एमवायएच में कीट नियंत्रण के संबंध में एक निजी फर्म का ठेका रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एमवायएच में चूहों की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करने के लिए बिजली व्यवस्था, सफाई और मरम्मत को लेकर लेकर नए कदम उठाए जाएंगे।
75 साल पुरानी इमारत में किया जाएगा बदलाव
डीन ने विस्तृत जानकारी दिए बगैर बताया कि एमवायएच की करीब 75 साल पुरानी इमारत में वास्तुविदों और प्रौद्योगिकी के जानकारों की मदद से जरूरी बदलाव किए जाएंगे ताकि चूहों का प्रकोप समाप्त किया जा सके। चूहों के काटे जाने के बाद नवजात बच्चियों की मौत के मामले में एमवायएच प्रबंधन अब तक छह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई कर चुका है जिसमें निलंबन और पद से हटाए जाने के कदम शामिल हैं। (भाषा के इनपुट के साथ)