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रतलाम में बवाल, बुलडोजर लेकर पहुंचा प्रशासन, ग्रामीणों ने किया पथराव, 3 पुलिसकर्मी घायल

 Written By: Jaya Dwivedie @JDwivedie
 Published : Jun 12, 2026 06:23 pm IST,  Updated : Jun 12, 2026 07:15 pm IST

मध्य प्रदेश के रतलाम में निवेश क्षेत्र को लेकर हो रहा विरोध उग्र हो गया। अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस टीम पर मौजूद लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। ऐसे में पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

Ratlam - India TV Hindi
घायल पुलिसकर्मी। Image Source : REPORTER INPUT

रतलाम के पलसोड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित निवेश क्षेत्र के लिए शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। स्थिति को संभालने पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। पथराव में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।जानकारी के अनुसार, पलसोड़ी सहित आसपास के चार से पांच गांवों की करीब 1700 हेक्टेयर जमीन प्रस्तावित निवेश क्षेत्र में शामिल की गई है। इसके विरोध में ग्रामीण लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रशासनिक अधिकारी, भारी पुलिस बल तथा अतिक्रमण हटाने के लिए जेसीबी और बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचे।

पुलिस ने बल प्रयोग किया, आंसू गैस के गोले फेंके

कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए और विरोध जताने लगे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर पुलिस ने करीब 15 से 20 लोगों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस और प्रशासनिक अमले पर पथराव कर दिया। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। घटना में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए भेजा गया है। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।

100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कार्रवाई

अतिक्रमण हटाने शहर एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, आरआई विक्की ठाकुर 10 पटवारियों और सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के साथ आईए थाना प्रभारी गायत्री सोनी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव, माणक चौक थाना प्रभारी विक्रम सिंह चौहान समेत करीब 100 पुलिसकर्मी वज्र वाहन के साथ पहुंचे थे। अतिक्रमण हटाने अधिकारी दो पोकलेन, 2 जेसीबी, 5 डंपर, ट्राले लेकर पहुंचे थे। मौके पर फायर ब्रिगेड व एंबुलेंस को तैनात किया गया था। अप्रैल महीने में भी हुआ था विरोध, एसडीएम ने जमीन पर बैठकर समझाया था।

क्या है पूरा मामला?

इंडस्ट्रीज कॉरिडोर को लेकर क्षेत्र के लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। अप्रैल माह में भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसमें बीएपी पार्टी, जयस और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने समर्थन दिया था। ग्रामीणों के साथ सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार भी निवेश क्षेत्र में धरने पर बैठ गए थे। धरने में जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, कांग्रेस नेता लक्ष्मणसिंह डिंडोर, ग्राम पंचायत पलसोड़ी के सरपंच पति गोरधन बोरासी तथा जुलवानिया सरपंच छोटू भाबर सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे। धरने की सूचना मिलते ही सैलाना एसडीएम तरुण जैन, रतलाम तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, मनोज जैन, एमपीआरडीसी के अधिकारी तथा पुलिस बल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की बातें सुनीं तथा संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। धरना स्थल पर विधायक और ग्रामीणों के बीच संवाद के लिए एसडीएम और तहसीलदार को भी जमीन पर बैठकर चर्चा करनी पड़ी। दोपहर तक किसी समाधान पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया था।

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