नागपुर के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) परिसर से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने पूरे चिकित्सा और पुलिस समुदाय को स्तब्ध कर दिया है। सीआरपीएफ पुणे के DIG आईपीएस कृष्णकांत पांडे की 25 वर्षीय बेटी समृद्धि कृष्णकांत पांडे ने बिती शाम को अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह एम्स नागपुर में डर्मेटोलॉजी विभाग की फर्स्ट ईयर की होनहार छात्रा थीं।
पंखे से लटका मिला शव
जानकारी के अनुसार, यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना 12 नवंबर की शाम लगभग 7 बजे सामने आई। समृद्धि नागपुर के शिव कैलाश स्थित मंजीरा अपार्टमेंट में रहती थीं। बताया गया है कि समृद्धि के पिता काफी देर से उसे फोन कर रहे थे लेकिन बेटी ने जवाब नहीं दिया, तो उन्होंने उसकी एक सहपाठी को संपर्क करने के लिए कहा। पिता की सूचना पर जब समृद्धि की दोस्त फ्लैट पहुंची, तो दरवाजा अंदर से बंद था। पीछे के रास्ते से अंदर जाने पर उसने समृद्धि को पंखे से लटका हुआ पाया जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सुसाइड की वजह क्या?
सोनेगांव पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। हालांकि, आत्महत्या के पीछे का स्पष्ट कारण अभी तक सामने नहीं आ सका है।
पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है और वह पिछले कुछ दिनों से तनाव में थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हम घटनाक्रम के बारे में और विवरण प्राप्त करने के लिए उसके दोस्तों से भी बात कर रहे हैं।’’ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोपनीय रूप से समृद्धि के साथियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस कठोर कदम के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके।
मानसिक तनाव की आशंका
एम्स नागपुर परिसर में इस घटना के बाद गहरा शोक और सन्नाटा छा गया है। समृद्धि अपने सहपाठियों और शिक्षकों के बीच एक विनम्र और समझदार छात्रा के रूप में जानी जाती थीं। पूरे कॉलेज, हॉस्पिटल और मेडिकल समुदाय में एक ही चर्चा है कि "आख़िर इतनी उज्ज्वल और होनहार जिंदगी ने अंधेरे को क्यों चुना?" यह घटना एक बार फिर मेडिकल छात्रों पर बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य के दबाव और तनाव की ओर गंभीर इशारा करती है।
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