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ओवैसी बोले- "मेरे 6 बच्चे हैं, तुम 8 बच्चे पैदा करो, तुम्हें कौन रोक रहा है?, नवनीत राणा के बयान के बाद ली चुटकी

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Jan 06, 2026 10:53 am IST,  Updated : Jan 06, 2026 10:53 am IST

बीजेपी नेता नवनीत राणा के ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले बयान के बाद, असदुद्दीन ओवैसी ने चुटकी ली और बिना राणा का नाम लिए निशाना साधा।

Asaduddin Owaisi, Navneet Rana- India TV Hindi
नवनीत राणा के बयान के बाद ओवैसी का पलटवार Image Source : YT/AIMIM, X/NAVNEET RANA

मुंबई: बीजेपी नेता नवनीत राणा के ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले बयान के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार किया है और नवनीत का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कहा कि उनके छह बच्चे हैं और उन्होंने सवाल किया कि "तुम्हें आठ बच्चे पैदा करने से कौन रोक रहा है"।

महाराष्ट्र के अकोला में बोले ओवैसी

महाराष्ट्र के अकोला में एक रैली में ओवैसी ने कहा, "मेरे छह बच्चे हैं और मेरी दाढ़ी सफेद हो रही है। किसी ने कहा कि चार बच्चे होने चाहिए। चार ही क्यों? आठ बच्चे पैदा करो, तुम्हें कौन रोक रहा है?"

दरअसल इससे पहले नवनीत राणा ने कहा था कि कुछ लोगों की कई पत्नियां और कई बच्चे होते हैं, जिससे उनकी आबादी बढ़ती रहती है और इसे रोकने के लिए, हिंदुओं को भारत की रक्षा के लिए "कम से कम तीन से चार बच्चे" पैदा करने चाहिए।

बीजेपी नेता राणा ने कहा था, "मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं। सुनिए, ये लोग खुलेआम कहते हैं कि उनकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। मेरा सुझाव है कि हमें कम से कम तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए।"

भागवत और नायडू पर भी साधा निशाना

ओवैसी ने अपने बयान में RSS प्रमुख मोहन भागवत और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले बयानों को भी याद दिलाया, जिनकी TDP, बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का हिस्सा है।

बता दें कि तमाम राजनीतिक मंचों से इस तरह के बयान पहले भी दिए जा चुके हैं। जिसमें एक खास वर्ग के नेता ये कहते हैं कि मुस्लिम समुदाय के लोग ज्यादा बच्चे पैदा करके भारत को पाकिस्तान बनाना चाहते हैं। इसलिए हिंदुओं को भी ज्यादा बच्चे पैदा करना चाहिए। 

जबकि जानकार मानते हैं कि ये एक तरह का प्रोपेगंडा है। कम बच्चे होने से उन्हें शिक्षा और विकास के अवसर भी ज्यादा मिलेंगे और देश की जनसंख्या वृद्धि की समस्या भी नहीं बढ़ेगी।

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