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आयोग के सामने पेश होने पर परमबीर सिंह के खिलाफ जारी वारंट रद्द

 Reported By: Bhasha
 Published : Nov 29, 2021 10:23 pm IST,  Updated : Nov 29, 2021 10:23 pm IST

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह सोमवार को पहली बार महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे आयोग के सामने पेश हुए और समिति से कहा कि वह अपने खराब स्वास्थ्य के कारण पहले पेश नहीं हो सके थे।

Bailable warrant against Param Bir Singh cancelled as he appears before probe panel- India TV Hindi
परमबीर सिंह सोमवार को पहली बार अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे आयोग के सामने पेश हुए। Image Source : PTI

मुंबई: मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह सोमवार को पहली बार महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कर रहे आयोग के सामने पेश हुए और समिति से कहा कि वह अपने खराब स्वास्थ्य के कारण पहले पेश नहीं हो सके थे। सिंह की अर्जी पर संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति के. यू. चांदीवाल आयोग ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त के खिलाफ पहले जारी जमानती वारंट को रद्द कर दिया। आयोग ने उनसे मुख्यमंत्री राहत कोष में 15,000 रुपये जमा करने का भी निर्देश दिया। सिंह ने एकल सदस्यीय आयोग के समक्ष एक हलफनामा भी दायर किया, जिसमें कहा गया कि उनके पास बयान देने के लिए कुछ भी नहीं है और वह जांच आयोग की पूछताछ का हिस्सा नहीं बनना चाहते हैं। 

वारंट रद्द करने के लिए अपने आवेदन में, सिंह ने कहा कि खराब स्वास्थ्य और अन्य बीमारी के कारण वह पहले आयोग के समक्ष पेश नहीं हो सके। आवेदन में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 27 नवंबर को दिये गये संरक्षण (गिरफ्तारी से) के आधार पर, सिंह आयोग के समक्ष उपस्थित हुए। आयोग ने कहा कि ऊपर बताए गए कारण (सिंह के आवेदन का जिक्र करते हुए) को ध्यान में रखते हुए सिंह को मुख्यमंत्री राहत कोष में 15,000 रुपये जमा कराने के निर्देश देते हुए जमानती वारंट रद्द किया जाता है। अपने पिछले हलफनामे में भी, सिंह ने आयोग को बताया था कि इस साल मार्च में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को संबोधित पत्र में उल्लिखित जानकारी के अलावा उनके पास और कोई सबूत नहीं है। 

सिंह द्वारा देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए न्यायमूर्ति चांदीवाल (सेवानिवृत्त) आयोग का गठन किया गया था। संबंधित घटना में, अनिल देशमुख के वकील ने आयोग के परिसर में सिंह और बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे के एक ही कमरे में साथ बैठने पर आयोग के समक्ष आपत्ति जताई। वाजे मामले के संबंध में पूछताछ के लिए आयोग के समक्ष पेश हो रहे हैं। देशमुख के वकील ने कहा, “सिंह और गवाह (वाजे) पिछले एक घंटे से एक साथ बैठे हैं। वह (सिंह) गवाह को प्रभावित कर सकते हैं।” 

न्यायमूर्ति चांदीवाल (सेवानिवृत्त) ने शुरू में कहा, ‘‘इसे कैसे रोका जा सकता है?’’ बाद में उन्होंने वाजे से कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए इस कमरे में बैठना बेहतर है (जहां आयोग की कार्यवाही हो रही थी)। वाजे को इस साल की शुरुआत में दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास एंटीलिया के पास एक एसयूवी से विस्फोटक बरामद होने और उसके बाद व्यवसायी मनसुख हिरेन की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार किया गया था। एंटीलिया कांड के बाद मार्च में मुंबई पुलिस आयुक्त के पद से स्थानांतरित कर दिए गए सिंह ने आरोप लगाया था कि देशमुख ने पुलिस अधिकारियों से शहर के बार और रेस्तरां से एक महीने में 100 करोड़ रुपये की वसूली करने के लिए कहा था। 

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