1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. गैस के लिए लाइन में खड़े पूर्व सरपंच की मौत, 4-5 घंटे खड़े रहने से चक्कर खाकर गिरा

गैस के लिए लाइन में खड़े पूर्व सरपंच की मौत, 4-5 घंटे खड़े रहने से चक्कर खाकर गिरा

 Edited By: Amar Deep @amardeepmau
 Published : Mar 29, 2026 06:33 am IST,  Updated : Mar 29, 2026 06:33 am IST

अकोला में गैस के लिए कई घंटे तक एक बुजुर्ग लाइन में लगा रहा। करीब 4-5 घंटे लाइन में खड़े रहने की वजह से उसे चक्कर आया और वह नीचे गिर गया। आस-पास मौजूद लोगों ने उसकी मदद करने की कोशिश की, लेकिन तबतक उसकी मौत हो गई।

गैस की लाइन में खड़े पूर्व सरपंच की हुई मौत।- India TV Hindi
गैस की लाइन में खड़े पूर्व सरपंच की हुई मौत। Image Source : REPORTER INPUT

अकोला शहर में एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है। यहां गैस सिलेंडर के लिए लंबी लाइन में खड़े रहने के दौरान एक पूर्व सरपंच की अचानक मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन और गैस वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, शंकर फपूर्डाजी शिरसाट बुधवार को अकोला के यदुराज HP गैस एजेंसी पर गैस बुकिंग एवं केवाईसी प्रक्रिया के लिए पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वे करीब 4 से 5 घंटे तक भीषण गर्मी में लाइन में खड़े रहे। दोपहर करीब 1 बजे के आस-पास उन्हें चक्कर आया और वे अचानक जमीन पर गिर पड़े।

गांव में शोक की लहर

इसके बाद आस-पास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही क्षणों में उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना से परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना की खबर मिलते ही अन्वी मिर्जापुर गांव में शोक की लहर फैल गई। गुरुवार को उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार गांव की श्मशान भूमि में किया गया। इस घटना के बाद गैस एजेंसी की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि एजेंसी पर न तो पर्याप्त छाया की व्यवस्था थी और न ही पीने के पानी की सुविधा, जिससे लोगों को घंटों धूप में खड़ा रहना पड़ता है।

कार्रवाई की मांग

वंचित बहुजन आघाड़ी के सामाजिक कार्यकर्ता एवं मनपा नगरसेवक पराग गवई ने इस घटना पर तीव्र प्रतिक्रिया देते हुए संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ सदोष मनुष्य वध का मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने नागरिकों के लिए घर गैस वितरण व्यवस्था लागू करने और एजेंसियों पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की भी मांग उठाई है। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए शासन से तत्काल जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। (इनपुट- गुलाम मोहसिन)

यह भी पढ़ें- 

नक्सल मुक्त भारत: क्या पूरा हुआ अमित शाह का वादा? लोकसभा में 31 मार्च को होगी चर्चा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। महाराष्ट्र से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।