महाराष्ट्र में महायुति की सरकार ने राज्य के करीब डेढ़ करोड़ सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की अग्रिम आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आठ दिनों के भीतर यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जाए। सामने आई जानकारी के अनुसार, इस योजना पर सरकार करीब 7,500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके साथ ही साथ ही बैंकों और निजी साहूकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान न करें।
पुराने कर्ज या बकाये की वसूली नहीं की जाए- CM
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि राहत राशि में से किसानों के पुराने कर्ज या बकाये की वसूली नहीं की जाए। इसके साथ ही निजी साहूकारों को भी किसानों को कर्ज वसूली के लिए परेशान नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई किसान को परेशान करता है, तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा।
किसानों की दिवाली काली नहीं होने देंगे- एकनाथ शिंदे
सरकार द्वारा किसानों के लिए किए गए इस फैसले पर राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार किसानों की दिवाली काली नहीं होने देगी। सरकार ने एक हफ्ते के भीतर किसानों के खातों में 5,000 रुपये जमा करने के निर्देश दिए हैं। यह शुरुआती मदद है और आगे भी किसानों को सहायता दी जाएगी। आपको बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है। इसका मतलब है कि सूखे की चपेट में 75 प्रतिशत राज्य है।
किसानों को आगे भी मिलेगी राहत- बावनकुले
वहीं, बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार के इस फैसले से करीब डेढ़ करोड़ किसानों को फायदा होगा। यह किसानों के लिए शुरुआती राहत है। आगे महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार की तरफ से भी मदद दी जाएगी। इस योजना का लाभ उन किसानों को मिलेगा जो खेती पर निर्भर हैं और जिनकी फसल सूखे के कारण बर्बाद हुई है। सरकारी नौकरी करने वाले और आयकर भरने वाले लोग इस सहायता के पात्र नहीं होंगे।
CM फडणवीस ने क्या कहा?
CM फडणवीस ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा- "महाराष्ट्र सरकार किसानों को अंतरिम सहायता के रूप में 5000 रुपये देने जा रही है। यह निर्णय आज मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया है। इस योजना के तहत लगभग डेढ़ करोड़ किसानों के बैंक खातों में 5000 रुपये जमा किए जाएंगे। अगले दो दिनों के भीतर किसानों के खातों में पैसे ट्रांसफर होने शुरू हो जाएंगे, और सरकार का यह प्रयास है कि दिवाली से पहले यह राशि सभी किसानों के खातों में पहुँच जाए। आज मंत्रिमंडल ने इसके लिए फंड को भी मंजूरी दे दी है।" इसके अलावा, नांदेड़ में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से जुड़ी जो घटना घटी, उस पर सरकार ने गंभीर चिंता जताई है। इसे लेकर सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई भी किसानों को परेशान करता है, तो तुरंत किसानों की शिकायत दर्ज कर उस व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला (फौजदारी गुनाह) दर्ज किया जाए।
किसान सभा का लॉन्ग मार्च स्थगित
महाराष्ट्र में अकोले और नासिक होते हुए मुंबई की तरफ आ रहा किसान सभा का लॉन्ग मार्च स्थगित कर दिया गया है। किसान सभा के नेताओं की मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र सरकार के साथ करीब दो घंटे तक बैठक हुई। इस बैठक में किसानों और आदिवासियों की मांगों को लेकर सहमति बनी।
सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता राशि आठ दिनों के भीतर उनके बैंक खातों में जमा करने के निर्देश दिए हैं। किसान सभा के नेताओं ने सरकार के इस फैसले पर संतोष जताया है।
इसके अलावा आदिवासियों की जमीन से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। आदिवासियों के नाम पर जमीन करने की मांग पर सरकार ने सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है। वहीं, लाडली बहन योजना से जिन गरीब महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, उनकी ई-केवाईसी कराने के लिए भी सरकार तैयार हो गई है, ताकि पात्र महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके। सरकार के साथ बातचीत के बाद किसान सभा ने अपना लॉन्ग मार्च स्थगित करने का फैसला लिया है। किसान सभा का कहना है कि उनकी ज्यादातर मांगें मान ली गई हैं। हालांकि, बाकी मुद्दों पर सरकार के साथ बातचीत आगे भी जारी रहेगी।
ये भी पढ़ें- 12 हजार किसानों ने मुंबई कूच क्यों किया? 1,000 से अधिक वाहनों के साथ लॉन्ग मार्च, CM फडणवीस के आवास तक पहुंचेंगे
लातूर में सूखे के बाद आग की दोहरी मार, किसानों के गन्ने की फसल जलकर खाक