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शेयर मार्केट से तगड़ा रिटर्न दिलाने के नाम पर ठगे 1.30 करोड़, अलग-अलग खातों में छिपाए पैसे; फिर भी ऐसे पकड़े गए ठग

 Reported By: Rajesh Kumar,  Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 23, 2026 08:08 pm IST,  Updated : Oct 23, 2026 08:09 pm IST

महाराष्ट्र में साइबर टीम ने बड़ा एक्शन लिया है। यहां ऑनलाइन निवेश के नाम पर 68 साल के बुजुर्ग से साइबर ठगों ने 1.30 करोड़ रुपये की ठगी की। चालाकी से अलग-अलग बैंक अकाउंट्स में पैसे छिपाए, इसके बावजूद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

महाराष्ट्र में साइबर...- India TV Hindi
महाराष्ट्र में साइबर ठगों पर एक्शन हुआ है। Image Source : REPORTERS INPUT

महाराष्ट्र साइबर ने ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि शेयर बाजार में निवेश के जरिए आकर्षक रिटर्न दिलाने का झांसा देकर 68 साल के एक बुजुर्ग से करीब 1.30 करोड़ रुपये की ठगी की गई। शिकायत मिलने के बाद महाराष्ट्र साइबर के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में CR नंबर 40/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 318(4) और 319(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000 की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद ठगी की रकम का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने के लिए तकनीकी और वित्तीय जांच शुरू की गई।

फर्स्ट-लेयर बेनिफिशियरी अकाउंट के जरिए छिपा रहे थे पैसे

जांच के दौरान, महाराष्ट्र साइबर ने बैंक खातों में हुए लेन-देन, रकम के ट्रांजैक्शन और अलग-अलग खातों के बीच पैसों की आवाजाही का विस्तृत विश्लेषण किया। जांच में दो संदिग्धों की पहचान हुई, जिनके बैंक खातों में ठगी की रकम में से 30 लाख रुपये आए थे। ये खाते शुरुआती स्तर के लाभार्थी खाते (फर्स्ट-लेयर बेनिफिशियरी अकाउंट) थे। इन खातों के जरिए ठगी की रकम को आगे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया, ताकि पैसों के स्रोत और उनकी वास्तविक आवाजाही को छिपाया जा सके।

‘मनी म्यूल अकाउंट’ वाले दो आरोपी हुए गिरफ्तार

महाराष्ट्र साइबर ने कार्रवाई करते हुए 41 साल के श्वेता विकल गुप्ता और 46 साल के योगेश विवेकानंद देसाई को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि महिला आरोपी MBA डिग्रीधारक है, जबकि पुरुष आरोपी एक बीमा कंपनी में वरिष्ठ अधिकारी के रूप में कार्यरत है। आरोप है कि दोनों ने अपने बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम लेने, उसे आगे ट्रांसफर करने और पैसों की आवाजाही छिपाने के लिए होने दिया। ऐसे बैंक खातों को ‘मनी म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध से हासिल रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता है।

आरोपियों के खिलाफ 9 और शिकायतें हैं दर्ज

आरोपियों के बैंक खातों की आगे जांच करने पर पता चला कि ये खाते दिल्ली, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी और त्रिपुरा में दर्ज साइबर अपराध की 9 अन्य शिकायतों से भी जुड़े हुए हैं। इससे आशंका है कि इन खातों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए कई साइबर अपराधों में किया गया। महाराष्ट्र साइबर अब पैसों के पूरे लेन-देन का पता लगाने, अन्य आरोपियों की पहचान करने और इस नेटवर्क से जुड़े लोगों का खुलासा करने में जुटा है।

साइबर टीम ने फ्रीज कराई 50 फीसदी रकम

इस मामले में महाराष्ट्र साइबर को एक बड़ी सफलता भी मिली है। समय पर की गई कार्रवाई और वित्तीय जांच के जरिए 1.30 करोड़ रुपये की कुल ठगी की रकम में से 50 प्रतिशत से अधिक राशि अलग-अलग बैंक खातों में फ्रीज कराई जा चुकी है। यह रकम आगे चलकर पीड़ित को वापस दिलाई जाएगी। बाकी रकम का पता लगाने और उसे सुरक्षित करने के प्रयास जारी हैं।

किसी दूसरे को ना करने दें अपने बैंक अकाउंट का इस्तेमाल

महाराष्ट्र साइबर ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी बहाने से दूसरे व्यक्ति को अपने बैंक खाते का इस्तेमाल न करने दें। कमीशन, आर्थिक प्रोत्साहन या किसी अन्य लाभ का लालच देकर बैंक खाते का इस्तेमाल करने के लिए कहने वाले लोगों से सावधान रहें। ऐसे खातों का इस्तेमाल साइबर अपराध से हासिल रकम प्राप्त करने, ट्रांसफर करने या छिपाने के लिए किया जा सकता है। इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर खाताधारकों को आपराधिक कार्रवाई और गंभीर कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें साइबर धोखाधड़ी की शिकायत

महाराष्ट्र साइबर ने दोहराया है कि ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी पर रोक लगाने, मनी म्यूल नेटवर्क को ध्वस्त करने, ठगी की रकम का पता लगाकर उसे सुरक्षित करने और साइबर अपराध में मदद करने वाले लोगों को कानून के दायरे में लाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध निवेश योजना या तीसरे व्यक्ति के लेनदेन के लिए बैंक खाता इस्तेमाल करने के अनुरोध की जानकारी तुरंत दें। साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे पहले, हाल में मुंबई पुलिस ने Boss स्कैम को अंजाम देने वाले साइबर ठगों का खेल बेनकाब किया था।

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