महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नकली करेंसी नोटों से जुड़े एक बड़े स्कैम का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस के एक जॉइंट ऑपरेशन में नकली करेंसी नोट, हाई-टेक कलर प्रिंटर, कंप्यूटर इक्विपमेंट, बॉन्ड पेपर, और नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाला कागज और दूसरा सामान जब्त किया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच और कार्रवाई में जुटे हुए हैं।
कैसे हुआ स्कैम का खुलासा?
सामने आई जानकारी के अनुसार, दिनांक 15/05/2026 को शिकायतकर्ता प्रतीक बाबाराव अनस, शाखा प्रबंधक बैंक ऑफ महाराष्ट्र गढ़चिरौली की शिकायत पर, पोस्ट ऑफिस गढ़चिरौली में धारा 179 आईपीसी-2023 के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, जब बैंक ऑफ महाराष्ट्र एटीएम मशीन के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो पाया गया कि 11/05/2026 को, आरोपी प्रमोद टीकाराम कोवे, (उम्र- 23 वर्ष, निवासी-हलदा, ताल, ब्रह्मपुरी, जिला- चंद्रपुर) द्वारा बैंक ऑफ महाराष्ट्र की एटीएम जमा मशीन में 100 रुपये के 21 नकली नोट जमा किए गए थे। गिरफ्तार आरोपी से गहन पूछताछ के दौरान, उसने आदित्य जनार्दन रेचनकर, (उम्र- 19, निवासी- गढ़चिरौली) से नकली नोट प्राप्त करने की बात को कबूल किया है।

पुलिस की जांच मे यह बात भी पता चली है कि आदित्य रेचनकर नागपुर में रहने वाले ‘चिटू’ नामक व्यक्ति से नकली नोट ला रहा था। इस जानकारी के आधार पर गढ़चिरौली और गढ़चिरौली अपराध शाखा गढ़चिरौली की एक संयुक्त टीम ने रात को आरोपी आदित्य रेचनकर और अन्य संदिग्ध आरोपियों की तलाश के लिए नागपुर के लिए रवाना हुई।
फ्लैट पर छापे के दौरान मिली सामाग्री
तकनीकी विश्लेषण और आरोपी द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर, नागपुर शहर के त्रिमूर्ति नगर क्षेत्र में एक अपार्टमेंट फ्लैट पर छापा मारा गया और नकली नोट बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामाग्री, जैसे प्रिंटर, बॉन्ड पेपर, कटर, आंशिक रूप से मुद्रित करेंसी नोट आदि को उक्त फ्लैट से जब्त किया गया।
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