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मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 2-3 दिन भारी बारिश की संभावना

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 02, 2020 04:15 pm IST,  Updated : Jul 02, 2020 07:36 pm IST

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) गुरुवार को संभावना जताई कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 2-3 दिनों में भारी बारिश हो सकती है।

Rain- India TV Hindi
Representational Image Image Source : AP

मुंबई. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) गुरुवार को संभावना जताई कि महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 2-3 दिनों में भारी बारिश हो सकती है। आपको बता दें कि मुंबई में इस वक्त मौसम सुहावना हो चुका है कई इलाकों में हल्की बारिश भी हो रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि प्रशासन बेहद खराब मौसम के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने की तैयारी कर ले।

मौसम विभाग मुंबई की वरिष्ठ निदेशक शुभांगी भटे ने बताया कि रत्नागिरी जिले में शुक्रवार को अत्यधिक भारी वर्षा होने और शनिवार को रायगढ़ में ऐसी भी बारिश होने का अनुमान है। गौरतलब है कि रत्नागिरी जिले में पिछले महीने आये चक्रवातीय तूफान निसर्ग से भी काफी नुकसान हुआ था। उन्होंने बताया कि मुंबई के कुछ इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे में 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर के बीच हुई वर्षा को भारी और 115.5 मिलीमीटर से 204.5 मिलीमीटर के बीच हुई बारिश को अत्यधिक भारी वर्षा माना जाता है। मौसम विभाग के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

जून में हुई ‘अत्यधिक’ बारिश, जुलाई में भी अच्छी बरसात के आसार

इससे पहले भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को कहा कि जून महीने में अत्यधिक बारिश हुई और जुलाई में भी अच्छी वर्षा का अनुमान है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में दीर्घकालिक आवधिक औसत (एलपीए) की 118 प्रतिशत वर्षा हुई जिसे अत्यधिक बारिश माना जाता है।

विभाग ने कहा कि पिछले 12 साल में, इस साल जून सबसे अधिक भीगा रहा। मानसून के सीजन में 1961-2010 के बीच देश में दीर्घकालिक आवधिक औसत (एलपीए) बारिश 88 सेंटीमीटर रही। 90-96 फीसदी के बीच बारिश ‘‘सामान्य से कम’’ मानी जाती है और 96-104 फीसदी बारिश ‘‘सामान्य’’ मानी जाती है।

एलपीए की 104 -110 फीसदी वर्षा ‘‘सामान्य से अधिक’’ और 110 फीसदी से अधिक वर्षा ‘‘अत्यधिक’’ मानी जाती है। मौसम विभाग के मध्य भारत उपसंभाग में जून में हुई वर्षा एलपीए की 131 फीसदी रही। इस क्षेत्र में गोवा, कोंकण, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ आते हैं। पूर्वी और पूर्वोत्तर उप संभाग में हुई वर्षा एलपीए की 116 फीसदी रही।

असम में बाढ़ आई और बिहार में भी अत्यधिक बरसात हुई। हालांकि मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि इन इलाकों में अगले पांच से दस दिन के भीतर बरसात में कमी आएगी। उत्तरपश्चिम उप संभाग में वर्षा एलपीए की 104 फीसदी रही और दक्षिण में यह एलपीए की 108 फीसदी रही।

मौसम विभाग ने जुलाई माह में एलपीए की 103 फीसदी वर्षा का अनुमान जताया है। महापात्र ने कहा, ‘‘जुलाई में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।’’ उन्होंने बताया कि गुजरात के तट के निकट तथा पूर्वी-मध्य भारत के ऊपर दो चक्रवात बन रहे हैं। इससे मध्य तथा दक्षिण भारत में अगले पांच से दस दिन में अच्छी बारिश होगी।

with inputs from Bhasha

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